बंगाल में ED का बड़ा एक्शन, रेत और कोयला तस्करी के खेल में दुर्गापुर से पांडवेश्वर तक छापेमारी
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में रेत और कोयला तस्करी के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जांच अधिकारियों की एक विशाल टीम, केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर, पांडवेश्वर और नबाग्राम जैसे इलाकों में छापेमारी कर रही है।
इस छापेमारी का मुख्य केंद्र दुर्गापुर का एक आलीशान बंगला है, जो एक रसूखदार रेत माफिया का बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह शख्स पहले पानागढ़ में रहता था, लेकिन अवैध कारोबार से मिली दौलत के दम पर उसने दो साल पहले दुर्गापुर में बेहद महंगा घर बनवाया। जांच में यह भी सामने आया है कि वह हाल ही में दुबई की यात्रा से लौटा था, जिसे लेकर अधिकारी शक के घेरे में हैं।
शुरुआत में जब ED की टीम उसके घर पहुंची, तो उसे अंदर घुसने से रोक दिया गया। काफी देर तक चले ड्रामे के बाद केंद्रीय बलों की मदद से अधिकारियों को गेट खुलवाकर जबरन अंदर घुसना पड़ा। इसके अलावा, उसके भाई के घर पर भी तलाशी ली जा रही है।
कोयला तस्करी की कड़ियां जोड़ने में जुटी टीम
ED की एक अन्य टीम नबाग्राम में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) से जुड़ी कोयला तस्करी की जांच कर रही है। लगभग 25 से 30 अधिकारियों की टीम फाइलों और दस्तावेजों को खंगाल रही है ताकि अवैध खनन के इस नेटवर्क का पूरा कच्चा चिट्ठा सामने आ सके।
I-PAC और प्रतीक जैन से जुड़े हैं तार
खबर है कि यह छापेमारी बीते 8 जनवरी को आई-पैक (I-PAC) प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर हुई तलाशी से मिले सुरागों का नतीजा है। उस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों को हटाने की कोशिश की थी और केंद्र सरकार पर चुनावी रणनीति चुराने का आरोप लगाया था। अब ED उन कड़ियों को जोड़ते हुए यह पता लगा रही है कि तस्करी का पैसा कहीं चुनावी फंडिंग या अन्य राजनैतिक रास्तों पर तो नहीं जा रहा था।
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