अमीरा प्योर फूड्स धोखाधड़ी केस में ED की बड़ी कार्रवाई, चेयरमैन और डायरेक्टर भगोड़ा घोषित
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1201.85 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में पीएमएलए के तहत अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ा शिकंजा कसा है। ED की जांच पर सुनवाई करते हुए राऊज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने कंपनी के चेयरमैन व एमडी करण ए चनाना और कंपनी की निदेशक अनीता डाइंग को भगोड़ा घोषित कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने कंपनी की 123.85 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां जब्त करने का आदेश भी जारी किया है। यह पूरी कार्रवाई ED गुरुग्राम की अर्जी पर की गई है।
CBI केस से शुरू हुई जांच
ED ने इस मामले की जांच CBI की प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि अमीरा फूड्स ग्रुप ने बैंकों से कर्ज लेकर उसका गलत इस्तेमाल किया था। इस कथित गड़बड़ी के कारण केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम को करीब 1,201.85 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी वर्ष 2017 में एनपीए यानी नॉन-परफॉर्मिंग एसेट घोषित हो गई थी। इसके बाद कंपनी के चेयरमैन व एमडी करण ए चनाना और निदेशक अनीता डाइंग देश छोड़कर चले गए थे। ED लगातार दोनों आरोपियों को भारत वापस लाने की कोशिश कर रही है।
लुकआउट सर्कुलर और इंटरपोल की कार्रवाई
ED ने आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और लुकआउट सर्कुलर जारी करा रखे हैं। ED के अनुरोध पर इंटरपोल ने करण चनाना के खिलाफ सिल्वर नोटिस भी जारी किया है। जानकारी के मुताबिक करण ए चनाना फिलहाल यूके में और अनीता डाइंग यूएई में रह रही हैं। दोनों लंबे समय से भारत नहीं लौटे और कोर्ट की कार्रवाई से बचते रहे हैं। अब ED इन्हें फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित कराने और इनकी संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया को तेज कर रही है। ED ने साफ कहा है कि मामले में आगे की जांच लगातार जारी है।
मनी लॉन्ड्रिंग और फंड डायवर्जन का आरोप
CBI द्वारा दर्ज मामले की जांच में सामने आया कि कंपनी के डायरेक्टर, प्रमोटर और कर्मचारियों ने बैंकों से मिले पैसों का सही उपयोग करने के बजाय उन्हें इधर-उधर घुमाया और वित्तीय गड़बड़ी की। इससे बैंकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद ED की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कंपनी के डायरेक्टर और प्रमोटर्स ने बैंक से मिले पैसों को बाहर निकालकर मनी लॉन्ड्रिंग की। इस पूरे मामले में ED अब तक करीब दो दर्जन लोगों और कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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