लखनऊ में ED की बड़ी कार्रवाई: कारोबारी सतिंदर सिंह भसीन की 44 करोड़ की संपत्ति जब्त
Sandesh Wahak Degital: राजधानी लखनऊ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मशहूर रियल एस्टेट कारोबारी सतिंदर सिंह भसीन की 44 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई।
ED की टीम ने बताया कि सतिंदर सिंह भसीन और उनकी कंपनियों ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश के नाम पर आम लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए, लेकिन न तो प्रोजेक्ट पूरे किए और न ही लोगों को उनका पैसा वापस किया गया। आरोप है कि उन्होंने यह रकम शेल कंपनियों और फर्जी खातों के जरिए इधर-उधर घुमा दी।
कुर्क की गई संपत्ति दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित एक आलीशान घर है, जिसकी मौजूदा कीमत करीब 44.06 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह संपत्ति 2015 में खरीदी गई थी, तब इसकी कीमत लगभग 27 करोड़ रुपये थी।
इससे पहले भी ED ने अप्रैल 2025 में दिल्ली, नोएडा और गोवा के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान एजेंसी ने कई बैंक दस्तावेज, 36 लाख रुपये नकद और कई अहम डिजिटल सबूत जब्त किए थे।
प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि सतिंदर सिंह भसीन और उनके सहयोगियों ने लोगों की गाढ़ी कमाई का गलत इस्तेमाल किया। अब इस मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संपत्तियों को भी जल्द अटैच किया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला
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भसीन ग्रुप पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप
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कई निवेशकों ने समय पर प्रॉपर्टी न मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी
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ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जांच शुरू कर संपत्ति जब्त की
ED की कार्रवाई से क्या संदेश?
इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलते हैं कि आर्थिक अपराधों पर अब शिकंजा कसता जा रहा है। खासतौर से उन लोगों के लिए यह बड़ा संदेश है, जो लोगों की मेहनत की कमाई को धोखाधड़ी से लूटने का काम करते हैं। ED की जांच जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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