सहारा समूह पर ED का शिकंजा, धनशोधन मामले में 2 बड़े अधिकारी गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सहारा समूह और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चल रहे धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने इस मामले में दो अहम व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सहारा समूह के चेयरमैन की मुख्य प्रबंधन टीम के एक कार्यकारी निदेशक और समूह के एक पुराने सहयोगी व संपत्ति ब्रोकर शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वैलापरम्पिल अब्राहम और जितेंद्र प्रसाद वर्मा के रूप में हुई है।
धनशोधन में थी इनकी अहम भूमिका
ईडी ने बताया कि अब्राहम ने सहारा समूह की संपत्तियों की बिक्री में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन संपत्तियों में से कई ऐसी थीं, जिनमें बेहिसाब नकदी शामिल थी, जिसका कथित तौर पर गबन किया गया था। वहीं, जितेंद्र प्रसाद वर्मा इन संपत्ति लेनदेन को अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल थे। ईडी का आरोप है कि वर्मा ने इन बिक्री से मिली भारी नकदी को ठिकाने लगाने में जानबूझकर मदद की, जिससे अपराध की कमाई को छिपाने और नष्ट करने में मदद मिली।
जांच एजेंसी ने कहा कि हाल ही में इस मामले में की गई तलाशी के दौरान उन्हें अपराध सिद्ध करने वाले सबूत मिले हैं। ये सबूत दर्शाते हैं कि सहारा समूह की संपत्तियों को एक-एक करके गुप्त तरीके से बेचा जा रहा था। ईडी ने आरोप लगाया कि अब्राहम और वर्मा ने ऐसी संपत्तियों को बेचने और सहारा समूह के प्रवर्तकों (प्रमोटर्स) को धन की हेराफेरी में मदद करने में मुख्य भूमिका निभाई।
आरोपी 14 जुलाई तक ED की हिरासत में
ईडी का दावा है कि सहारा समूह के प्रवर्तक भारत से बाहर रहते हुए इस तरह के गलत कामों में शामिल पाए गए। गिरफ्तार किए गए अब्राहम और वर्मा को कोलकाता की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है। आपको बता दें कि यह धनशोधन का मामला विभिन्न राज्य पुलिस विभागों द्वारा दर्ज 500 से अधिक मुकदमों से जुड़ा है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज करने से पहले ओडिशा, बिहार और राजस्थान पुलिस द्वारा हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (HICCSL) और अन्य के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर के साथ-साथ सहारा समूह की इकाइयों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज 500 से अधिक ऐसी शिकायतों का विश्लेषण किया है।
Also Read: भाषा विवाद पर मायावती का तीखा रुख, बोलीं– संकीर्ण राजनीति देश की एकता के लिए खतरा

