चुनाव आयोग का सफाई अभियान, 474 राजनीतिक दल सूची से बाहर, यूपी में सबसे ज्यादा
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने एक बार फिर चुनावी प्रणाली को और साफ-सुथरा बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने 474 ऐसे राजनीतिक दलों को अपनी सूची से हटा दिया है, जो किसी भी चुनाव में भाग नहीं ले रहे थे। इसके अलावा, 359 और दलों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत की गई है, जिसके अनुसार अगर कोई राजनीतिक दल लगातार छह साल तक किसी भी चुनाव में भाग नहीं लेता है, तो उसे सूची से हटाया जा सकता है। इस कदम के साथ, पिछले दो महीनों में कुल 808 राजनीतिक दलों को सूची से हटाया जा चुका है, जिसमें 9 अगस्त को हटाए गए 334 दल भी शामिल हैं।

क्यों हुई यह कार्रवाई
चुनाव आयोग ने 2019 से एक देशव्यापी अभियान शुरू किया है, जिसका मकसद उन दलों की पहचान करना और उन्हें हटाना है, जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इन दलों को प्रतीक चिन्ह और टैक्स में छूट जैसे फायदे मिलते हैं, लेकिन बदले में उन्हें कुछ नियमों का पालन करना होता है। दूसरे चरण में, आयोग ने 359 और दलों को चिन्हित किया है, जिन्होंने पिछले तीन सालों में अपने ऑडिट किए गए खातों की रिपोर्ट जमा नहीं की है या चुनाव लड़ने के बाद भी खर्च का ब्यौरा नहीं दिया है। ये दल 23 अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं।
इन दलों को हटाने से पहले, संबंधित राज्यों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को नोटिस जारी करने को कहा गया है, ताकि इन दलों को अपना पक्ष रखने का मौका मिले। आखिरी फैसला इन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। इस अभियान का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश पर पड़ा है। दूसरे चरण में जिन 474 दलों को हटाया गया है, उनमें से 121 दल उत्तर प्रदेश से हैं। वहीं, तीसरे चरण में जिन 359 दलों पर कार्रवाई हो रही है, उनमें से 127 दल भी यूपी के हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

