राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा- निष्पक्ष काम करते रहेंगे
Sandesh Wahak Digital Desk: लोकसभा सांसद राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर ‘वोटों की चोरी’ का आरोप लगाया था और अधिकारियों को धमकाते हुए कहा था कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद भी नहीं छोड़ा जाएगा। इन आरोपों को चुनाव आयोग ने बेबुनियाद बताया है और अपने कर्मचारियों से ऐसे बयानों पर ध्यान न देने की बात कही है।
चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर कहा, “हम रोज़-रोज़ लगाए जा रहे ऐसे बेबुनियाद आरोपों और धमकियों को अनदेखा करते हैं। हमारे सभी चुनावी कर्मी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों पर ध्यान न दें।”
क्या थे राहुल गांधी के आरोप?
राहुल गांधी ने संसद भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग ‘गड़बड़ी’ कर रहा है और वोटों की चोरी हो रही है। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो अधिकारी बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं, वे देश के खिलाफ काम कर रहे हैं। उनका यह धमकी भरा बयान काफी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को रिटायर होने पर भी नहीं छोड़ा जाएगा। इससे पहले भी राहुल गांधी महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के चुनावों को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं।
राहुल गांधी ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि इसके ज़रिए मतदाताओं के वोटिंग का अधिकार छीना जा रहा है। इस पर चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया का मकसद सभी योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट भी जारी कर दी है। जिन लोगों का नाम लिस्ट में नहीं है, वे 1 सितंबर तक कैंप में जाकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
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