वोट चोरी की बयानबाजी पर चुनाव आयोग को आपत्ति, कहा- यह मतदाताओं और अधिकारियों का अपमान
Sandesh Wahak Digital Desk: लोकसभा चुनावों के बाद से ही विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे ‘वोट चोरी’ कैंपेन पर चुनाव आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग का कहना है कि ‘वोट चोर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके एक झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश की जा रही है, जो न सिर्फ करोड़ों मतदाताओं का, बल्कि लाखों चुनाव कर्मचारियों का भी सीधा अपमान है।
बिना सबूत मतदाताओं को चोर कहना गलत
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1951-52 के पहले चुनाव से ही ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ का नियम लागू है। अगर किसी के पास इस बात का कोई सबूत है कि किसी ने दो बार वोट डाला है, तो उसे लिखित हलफनामे के साथ आयोग को जानकारी देनी चाहिए। बिना सबूत के पूरे देश के मतदाताओं को ‘चोर’ कहना और उनका अपमान करना गलत है।
राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार
चुनाव आयोग की यह प्रतिक्रिया लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणियों के बाद आई है। राहुल गांधी ने 7 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर ‘वोट चोरी’ कर रहा है। उन्होंने महादेवापुरा विधानसभा क्षेत्र के कुछ मतदाताओं की सूची दिखाते हुए आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग सबूतों को छिपा रहा है क्योंकि वह डरता है कि अगर सच्चाई सामने आ गई, तो देश के लोकतंत्र की असलियत उजागर हो जाएगी।
राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि हमारे पास आपराधिक सबूत हैं, लेकिन चुनाव आयोग देशभर में सबूत खत्म करने में लगा है। चुनाव आयोग भाजपा से मिला हुआ है। इस तरह की बयानबाजी से आयोग चिंतित है, क्योंकि इससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
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