Etawah News: कालका एक्सप्रेस के इंजन से पकड़ा गया फर्जी लोको पायलट, पूछताछ में हुआ खुलासा

Sandesh Wahak Digital Desk: इटावा रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी सुरक्षा चूक और ठगी का मामला सामने आया है। कालका एक्सप्रेस के इंजन में लोको पायलट की पूरी यूनिफॉर्म, गले में नकली आईडी कार्ड और हाथ में सिग्नल देने वाली झंडी लेकर बैठे एक फर्जी लोको पायलट को गिरफ्तार किया गया है। असली ड्राइवर की सतर्कता से यह राज खुला कि यह शख्स किराया बचाने, रौब जमाने और लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने का खेल खेल रहा था।

असली पायलट की सूझबूझ से पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

यह पूरा फर्जीवाड़ा कालका एक्सप्रेस के असली लोको पायलट राजेंद्र कुमार की सतर्कता से पकड़ा गया। राजेंद्र कुमार जब इंजन में पहुंचे तो उन्होंने एक अन्य युवक को ड्राइवर की वर्दी में बैठा पाया। दिखने में सब कुछ असली जैसा लग रहा था, लेकिन राजेंद्र कुमार को उसकी हरकतों पर संदेह हुआ।

राजेंद्र कुमार ने जब युवक से रेलवे की कुछ टेक्निकल बातें कीं, तो वह उसमें उलझ गया और उसका झूठ पकड़ा गया। शक यकीन में बदलते ही राजेंद्र कुमार ने तुरंत टूंडला हेडक्वार्टर को सूचना दी। आदेश पर ट्रेन को इटावा स्टेशन पर रोका गया और मौके पर पहुँची जीआरपी (GRP) टीम ने युवक को इंजन से उतारकर गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी का विवरण और चौंकाने वाला मकसद

गिरफ्तार युवक की पहचान आकाश कुमार (27) के रूप में हुई है, जो फिरोजाबाद जिले के कौसल्या नगर का रहने वाला है और केवल दसवीं पास है। उसके पास से लोको पायलट की यूनिफॉर्म, नकली आईडी कार्ड, नेमप्लेट, सिग्नल झंडियां और एक लॉगबुक भी बरामद हुई, जो हूबहू असली लगती थी। पूछताछ में आकाश ने खुलासा किया कि वह पिछले दो साल से फर्जी लोको पायलट बनकर ट्रेनों में सफर कर रहा था। इसका मुख्य मकसद ट्रेन का किराया बचाना और रिश्तेदारों व दोस्तों के बीच रौब झाड़ना था। उसने यह भी कबूला कि उसने इसी फर्जीवाड़े के दम पर बेरोजगार युवाओं को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठना भी शुरू कर दिया था।

सुरक्षा चूक पर उठे गंभीर सवाल

जीआरपी अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत ठगी नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह हो सकता है जो बेरोजगारों से ठगी कर रहा है। रेलवे सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इंजन जैसी संवेदनशील जगह तक किसी बाहरी व्यक्ति का पहुंच जाना सुरक्षा तंत्र की बड़ी कमजोरी को उजागर करता है। यदि यह युवक असली ड्राइवर की जगह ट्रेन चलाने लगता, तो यह हजारों यात्रियों की जान से सीधा खिलवाड़ होता।फिलहाल जीआरपी ने आकाश कुमार को जेल भेज दिया है और अब इस बात की जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह शामिल है या नहीं।

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