शुगर कंट्रोल होने के बाद भी नसों में दर्द और झनझनाहट हो सकती है Peripheral Neuropathy का संकेत

Sandesh Wahak Digital Desk: अगर आपका शुगर लेवल (Sugar level) कंट्रोल में है और आपको डायबिटीज भी नहीं है, लेकिन फिर भी नसों में दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार ऐसी स्थिति पेरिफेरल न्यूरोपैथी (Peripheral Neuropathy) का संकेत हो सकती है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड से बाहर जाने वाली नसें प्रभावित हो जाती हैं।

दरअसल जब इन नसों में किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो व्यक्ति को हाथ या पैरों में झनझनाहट, दर्द या सुन्नपन की समस्या होने लगती है। यह समस्या केवल डायबिटीज मरीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जिन लोगों का शुगर लेवल (Sugar level) सामान्य रहता है, उनमें भी यह बीमारी देखी जा रही है।

Peripheral Neuropathy होने के प्रमुख कारण

डॉक्टरों के अनुसार पेरिफेरल न्यूरोपैथी (Peripheral Neuropathy) का सबसे बड़ा कारण शरीर में विटामिन बी12 की कमी होती है। इसके अलावा स्पाइन से जुड़ी बीमारियां, गलत पोश्चर और ऑटोइम्यून बीमारियां भी नसों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आमतौर पर देखा गया है कि जो लोग डेस्क जॉब करते हैं और नियमित एक्सरसाइज नहीं करते हैं, उनमें भी यह समस्या होने लगती है।

दरअसल पहले यह बीमारी अधिक उम्र यानी 50 से 60 साल के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब 30 और 40 साल की उम्र में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। यह बीमारी अचानक नहीं होती है, बल्कि इसके पहले शरीर में कई तरह के संकेत दिखाई देने लगते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पेरिफेरल न्यूरोपैथी के लक्षण कैसे पहचानें

दरअसल Peripheral Neuropathy बीमारी में हाथ और पैरों में सुन्नपन महसूस हो सकता है। पैरों के तलवों में जलन होने लगती है। कई बार चलने के दौरान संतुलन बिगड़ जाता है। कुछ मामलों में हाथों में कमजोरी आ जाती है और चीजों को पकड़ने में दिक्कत होने लगती है।

वहीं इसके उपचार के लिए डॉक्टर सबसे पहले यह पता लगाते हैं कि बीमारी का कारण क्या है। अगर समस्या विटामिन की कमी से जुड़ी होती है तो दवाइयों के जरिए उसे ठीक किया जाता है। अगर स्पाइन से जुड़ी समस्या होती है तो फिजियोथेरेपी, एक्सरसाइज और दवाइयों की मदद ली जाती है। दर्द को नियंत्रित करने के लिए न्यूरोपैथिक पेन की दवाएं दी जाती हैं। इस तरह मरीज का इलाज किया जाता है।

 

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