बरेली में फर्जी पुलिस अधिकारी गिरफ्तार, दस्तावेजों के साथ एक्सयूवी कार भी बरामद
Sandesh Wahak Digital Desk: बरेली जिले के फरीदपुर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए खुद को उप-निरीक्षक बताने वाले एक शातिर आरोपी जितेन्द्र सिंह खैरा को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को ठग रहा था और पुलिस की वर्दी व फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर रहा था।
क्या है मामला?
फरीदपुर थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार, जितेन्द्र सिंह खैरा निवासी निक्का ढावा, भगवानपुर फुलवा, फरीदपुर, ने खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताकर बरेली के दलवीर सिंह सहित कई लोगों को विदेश (जर्मनी) भेजने का झांसा दिया। इसके बदले उसने करीब 15-20 लाख रुपये वसूले और पीड़ितों के जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए। जब पीड़ितों ने रुपये या दस्तावेज़ वापस मांगे, तो आरोपी ने पुलिस की वर्दी में फोटो दिखाकर धमकाना शुरू कर दिया।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
मुखबिर की सूचना पर 27 मई 2025 को फरीदपुर पुलिस ने जितेन्द्र को कस्बा फरीदपुर से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से उत्तर प्रदेश पुलिस का फर्जी पहचान पत्र, एक जाली नेम प्लेट, यूक्रेन का नागरिकता प्रमाण पत्र, और एक सफेद रंग की महिन्द्रा एक्सयूवी 500 (नंबर UP14BQ-0004) बरामद हुई। खास बात यह है कि गाड़ी पर पुलिस की फ्लैश लाइट और हूटर भी लगे थे, जिनका उपयोग वह खुद को पुलिस अधिकारी साबित करने के लिए करता था। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह टोल टैक्स बचाने और लोगों पर रौब जमाने के लिए पुलिस की फर्जी आईडी और कैप का इस्तेमाल करता था।
कानूनी कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ IPC की नई धाराओं के तहत धारा 318(4), 316(2), 351(2), 351(3), 336(3) और 340(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच उपनिरीक्षक लोकेश तोमर द्वारा की जा रही है। इस मामले में एक और आरोपी गुरलाल सिद्धू, निवासी भटिंडा (पंजाब), फिलहाल फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।
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