फर्जी वेबसाइट और रिमोट एक्सेस से करोड़ों का खेल! अलीगढ़ से 2 आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में बड़ा खुलासा
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जीवाड़ा करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर सदस्यों को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी वेबसाइट और अधिकृत आधार कार्ड ऑपरेटरों से रिमोट एक्सेस लेकर कूटरचित आधार कार्ड, जाति, आय, निवास और जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर रहा था।

गिरफ्तार अभियुक्त
- साजिद हुसैन (पूर्व आधार कार्ड ऑपरेटर)
- नईमुद्दीन (दोनों निवासी जीवनगढ़, थाना क्वार्सी, अलीगढ़)

बरामदगी
- 88 कूटरचित आधार कार्ड
- 04 लैपटॉप और 01 डेस्कटॉप
- 05 फर्जी मुहरें (ग्राम प्रधान, पार्षद और राजपत्रित अधिकारी की)
- फिंगर प्रिंट एवं आईरिस स्कैनर सहित अन्य उपकरण
एसटीएफ को पिछले कुछ महीनों से ऐसे गिरोहों की सूचना मिल रही थी जो अनाधिकृत कंप्यूटर सिस्टम पर रिमोट एक्सेस लेकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर रहे थे।
ठगी का तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के चौंकाने वाले तरीके का खुलासा किया। आरोपी पहले फर्जी वेबसाइटों (जैसे- https://domicile.xyz/admin) का उपयोग कर काल्पनिक जन्मतिथि और निवास के आधार पर कूटरचित जन्म/मृत्यु, निवास और आय प्रमाण पत्र बनाते थे।
इन प्रमाण पत्रों को प्रमाणित करने के लिए ग्राम प्रधान, पार्षद और राजपत्रित अधिकारी से संबंधित फर्जी मुहरों का इस्तेमाल करते थे, जो उनके जनसुविधा केंद्र से बरामद हुईं।
फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने के बाद, आरोपी एनीडेस्क (AnyDesk) के माध्यम से अपने लैपटॉप का रिमोट एक्सेस दिल्ली निवासी आकाश को भेजते थे। आकाश (या पश्चिम बंगाल के अन्य ऑपरेटर) उत्तराखंड या पश्चिम बंगाल को आवंटित अधिकृत आधार एनरोलमेंट क्लाइंट (ECMP) सॉफ़्टवेयर का डेटा फ़ाइल इनस्टॉल करते थे, और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर फर्जी आधार कार्ड तैयार करते थे।
आरोपी ग्राहकों से ₹500 से ₹1000 प्रति प्रमाण पत्र लेते थे, और अनाधिकृत रूप से आधार बनाने के एवज में अधिकृत ऑपरेटरों को प्रति माह लगभग ₹50,000 देते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना क्वार्सी, अलीगढ़ में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है।
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