एक तरफ झूठी धमकी, दूसरी तरफ ‘डिजिटल अरेस्ट’: लखनऊ में साइबर ठगी और एयरपोर्ट अलर्ट से हड़कंप
Sandesh Wahak Digital Desk: चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (लखनऊ एयरपोर्ट) को रविवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे हड़कंप मच गया। हालांकि, सघन जांच के बाद यह धमकी पूरी तरह झूठी पाई गई। यह धमकी लखनऊ समेत देश के कई अन्य एयरपोर्टों को भी दी गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, यह धमकी ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) को शरारती तत्वों द्वारा ईमेल के जरिए भेजी गई थी। ईमेल में एयरपोर्ट पर किसी बड़े हादसे की आशंका जताई गई थी।
धमकी मिलते ही तत्काल सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और पूरे एयरपोर्ट पर सघन तलाशी ली गई। जाँच के दौरान धमकी में कोई सत्यता नहीं पाई गई और कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
एयरपोर्ट प्रशासन ने पुलिस को मेल की जानकारी दी और कोई खतरा न होने की पुष्टि की। चूँकि धमकी झूठी निकली, एयरपोर्ट प्रशासन ने पुलिस में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। गौरतलब है कि लखनऊ एयरपोर्ट को इस तरह की बम से उड़ाने की धमकियाँ पहले भी मिल चुकी हैं।
साइबर जालसाजी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक जालसाज ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कृष्णानगर निवासी एक व्यक्ति को एक घंटे ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर ₹60 हजार वसूल लिए।
जांच में जुटी पुलिस
पीड़ित: कृष्णानगर के कृष्णापल्ली निवासी हरिवंश लाल साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। पीड़ित हरिवंश लाल के अनुसार, 22 सितंबर को उन्हें व्हाट्सएप पर ऑडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और उन्हें एक झूठे मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाया। जालसाज ने पूछताछ में सहयोग करने पर उन्हें बचाने का झांसा दिया। डरकर हरिवंश ने उसकी बात मान ली। इसके बाद शातिर जालसाज ने पूछताछ के बहाने उन्हें लगभग एक घंटे तक ऑनलाइन माध्यम से ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और इस दौरान ₹60 हजार रुपये की ठगी कर ली।
हरिवंश लाल ने ठग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर पीके सिंह के मुताबिक, मामले की तफ्तीश जारी है और जालसाज की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

