Fatehpur News: 60 हजार में दी सुपारी, समलैंगिक संबंधों के लिए कराया पति का क़त्ल

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से सामने आया यह सनसनीखेज मामला रिश्तों की मर्यादा और अपराध की भयावहता को उजागर करता है। असोथर थाना क्षेत्र में हुए सुमेर हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि यह कत्ल किसी पुरानी दुश्मनी या लूट के लिए नहीं, बल्कि पत्नी के समलैंगिक संबंधों में बाधा बन रहे पति को हटाने के लिए किया गया था। पुलिस की कहानी सामने आने के बाद हर कोई हैरान है।

डेढ़ साल से चल रहा था महिलाओं का प्रेम संबंध

दरअसल यहां पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक सुमेर की पत्नी रेनू देवी और उसकी सहेली मालती देवी के बीच पिछले डेढ़ साल से प्रेम संबंध थे। मालती पहले ही तीन शादियां कर चुकी थी और फिलहाल अपने एक बच्चे के साथ अलग रह रही थी। रेनू और मालती एक-दूसरे के इतने करीब आ चुकी थीं कि वे साथ रहकर जीवन बिताना चाहती थीं।

जिसके बाद जब सुमेर को पत्नी और उसकी सहेली के इस रिश्ते की भनक लगी, तो उसने कड़ा विरोध किया। सुमेर ने दोनों के मिलने-जुलने और बातचीत पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। यही रोक-टोक रेनू को नागवार गुजरी और यहीं से पति को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनना शुरू हुआ।

ट्यूबवेल के पास रची गई साजिश

पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह के मुताबिक, जब दोनों महिलाओं को लगा कि सुमेर उनके रिश्ते के बीच सबसे बड़ा रोड़ा है, तो उन्होंने उसकी हत्या का फैसला कर लिया। बताया जा रहा है कि, रेनू ने अपने करीबी ई-रिक्शा चालक जितेंद्र गुप्ता से संपर्क किया और पति को मरवाने के लिए 60 हजार रुपये की सुपारी तय की। तय योजना के तहत पांच आरोपियों ने मिलकर सुमेर को ट्यूबवेल के पास घेरा। पहले रस्सी से उसका गला घोंटा गया और फिर चाकू से गला रेतकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

तीन आरोपी गिरफ्तार

वहीं इस मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता रेनू देवी, उसकी सहेली मालती देवी और शूटर राजू सोनकर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सुपारी लेने वाला मुख्य आरोपी जितेंद्र गुप्ता और उसका साथी रामप्रकाश उर्फ मद्दू अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें लगातार दबिश देकर उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।

 

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