तेजी से बढ़ रहे Fatty Liver के मामले, ग्रेड-2 को लेकर बढ़ी चिंता

Sandesh Wahak Digital Desk: आज के समय में फैटी लिवर (Fatty Liver) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में फैटी लिवर ग्रेड-2 का आना अब आम होता जा रहा है। ग्रेड 2 का नाम सुनकर कई लोग घबरा जाते हैं और इसे गंभीर बीमारी समझ लेते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि फैटी लिवर ग्रेड-2 क्या होता है, क्यों होता है और इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।

क्या होता है Fatty Liver?

जानकार मानते हैं कि फैटी लिवर (Fatty Liver) अब बहुत आम हो गया है। हालांकि हर व्यक्ति में ग्रेड 2 नहीं होता, ज्यादातर मामलों में ग्रेड 1 ही देखने को मिलता है। ग्रेड 2 का मतलब होता है कि बीमारी शुरू हो चुकी है और इसे समय पर कंट्रोल करना जरूरी है।

दरअसल किसी व्यक्ति के लिवर की कोशिकाओं में ज्यादा फैट जमा हो जाता है तो उसे फैटी लिवर (Fatty Liver) कहा जाता है। इसकी अलग-अलग ग्रेड होती हैं और ग्रेड 2 में फैट की मात्रा ज्यादा हो जाती है। पहले यह समस्या अधिकतर शराब पीने वालों में देखी जाती थी, लेकिन अब बिना शराब पीने वालों में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

समय पर कंट्रोल न करने पर बढ़ सकता है खतरा

आपको बताते चलें कि, ग्रेड 2 स्टेज में लिवर में फैट बढ़ जाता है और इसे तुरंत कम करने की जरूरत होती है। इस स्टेज में खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव करके बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ मामलों में दवा की जरूरत भी पड़ सकती है, लेकिन अधिकतर लोगों में इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

अगर Fatty Liver की इस स्टेज पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे चलकर यह लिवर सिरोसिस या लिवर फेल होने जैसी गंभीर स्थिति का कारण भी बन सकता है। डॉ. कुमार के अनुसार ग्रेड 2 ऐसी स्टेज है जिसमें बीमारी को ठीक किया जा सकता है, लेकिन कई लोग इसे हल्के में लेते हैं और खानपान में परहेज नहीं करते, जिससे समस्या आगे बढ़ जाती है।

फैटी लिवर ग्रेड-2 होने के कारण

फैटी लिवर ग्रेड-2 (Fatty Liver Grade-2) के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसमें ज्यादा तला-भुना खाना, जंक फूड का अधिक सेवन, मोटापा और पेट की चर्बी, हाई कोलेस्ट्रॉल और एक्सरसाइज न करना प्रमुख कारण माने जाते हैं।

दरसल फैटी लिवर ग्रेड-2 (Fatty Liver Grade-2) में शरीर कुछ संकेत देने लगता है। इसमें लगातार थकान बने रहना, पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में भारीपन या हल्का दर्द होना, भूख कम लगना, तेजी से वजन बढ़ना और अपच की समस्या शामिल हो सकती है।

लाइफस्टाइल में बदलाव से हो सकता कंट्रोल

डॉक्टरों के अनुसार फैटी लिवर (Fatty Liver) के। ग्रेड-2 को कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बहुत जरूरी है। रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करना, वजन कम करना, फास्ट फूड से दूरी बनाना और हरी सब्जियों व मौसमी फलों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।

समय पर सही खानपान और नियमित एक्सरसाइज से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और दवाओं की जरूरत से भी बचा जा सकता है।

 

Also Read: कैसरगंज में हज यात्रियों के लिए प्रशिक्षण और टीकाकरण शिविर, युसुफ अली सोनू ने किया उद्घाटन

Get real time updates directly on you device, subscribe now.