Siddharthnagar News: कांशीराम आवास में गंदगी से फैला बीमारी का डर, एक बच्ची की मौत

Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय स्थित कांशीराम आवास विकास कॉलोनी की हालत इतनी बदतर हो गई है कि अब इसे ‘नरक कॉलोनी’ कहा जाने लगा है। अगर जिम्मेदार अधिकारी समय रहते नहीं चेते, तो यहां के लोग भीषण जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन, नगर पालिका अध्यक्ष और यहां के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की होगी।

संक्रामक रोग से बच्ची की मौत, फिर भी जिम्मेदार मौन

हाल ही में, कांशीराम आवास कॉलोनी के ब्लॉक संख्या 45, आवास संख्या 522 में रहने वाली 7 वर्षीय साहिबा परवीन (पुत्री मोहम्मद अकबर, माता शबाना) की मौत हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, साहिबा परवीन की असमय मृत्यु संक्रामक/गलघोंटू बीमारी की चपेट में आने से हुई है। इस दुखद घटना के बावजूद, प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। अब तो ऑफिसर्स कॉलोनी (जगदीशपुर) में बनी यह कांशीराम आवास कॉलोनी अपनी बदहाली के कारण ‘नरक कॉलोनी’ के नाम से ही पहचानी जाने लगी है।

Siddharthnagar Kanshiram Awas

व्यापार संगठन अध्यक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी

बुधवार को ‘संदेश वाहक’ से खास बातचीत के दौरान, जिला मुख्यालय स्थित कांशीराम आवास विकास कॉलोनी में साहिबा परवीन के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे व्यापार संगठन सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष अजय कसौधन ने अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मृतक बच्ची की माता शबाना से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि वह इन सभी परेशानियों को जिला कलेक्टर और प्रशासन के संज्ञान में लाएंगे।

अजय कसौधन ने चेतावनी देते हुए कहा, अगर समय पर नाली, पानी, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं ठीक नहीं की गईं, तो व्यापार संगठन सिद्धार्थनगर अपनी पूरी टीम के साथ इसी कांशीराम आवास में धरना प्रदर्शन करेगा।

उन्होंने कॉलोनी की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा, हे भगवान! जिला मुख्यालय की कांशीराम आवास विकास कॉलोनी तो नरक कॉलोनी बन गई है। कॉलोनी में गंदा पानी भरा हुआ है, नालियां बदबू मार रही हैं। सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है और लोगों के घरों में भी घुस चुका है। यदि जिम्मेदार समय रहते नहीं चेते, तो बहुत जल्द कॉलोनी के रहने वाले लोग भीषण संक्रामक और अन्य जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ जाएंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और नगर पालिका सिद्धार्थनगर की होगी। अजय ने खुद कॉलोनी की गलियों, नालियों और घरों में घुसते गंदे पानी का जायजा लिया और परिवारों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा।

करोड़ों की योजना बनी कबाड़खाना

गौरतलब है कि जनपद मुख्यालय सिद्धार्थनगर नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं। वार्ड संख्या 19 (मोहल्ला ऑफिसर्स कॉलोनी, जगदीशपुर) में वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में लगभग 1000 भव्य कांशीराम आवास का निर्माण हुआ था। यह योजना जिला मुख्यालय पर रह रहे गरीब और वंचित वर्गों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के मुख्य मकसद से शुरू की गई थी। उस समय इसे देखकर शहर में रेहड़ी-ठेला चलाने वाले गरीबों में काफी खुशी थी।

Siddharthnagar Kanshiram Awas

अजय कसौधन ने बताया कि आवास के अंदर बना पार्क भी अब कबाड़खाने में तब्दील हो चुका है। यही नहीं, आवास में रहने वाले लोग उसमें सब्जी की खेती कर रहे हैं, जहां बच्चों को खेलना चाहिए था। उन्होंने सवाल किया, आखिर कांशीराम आवास के इन हालात का जिम्मेदार कौन है?

अजय कसौधन ने ऑफिसर्स कॉलोनी वार्ड 19 की सभासद सरिता रस्तोगी के प्रतिनिधि सतीश रस्तोगी से दूरभाष पर कॉलोनी की समस्याओं के बारे में जानने की कोशिश की, तो उन्होंने सीधा यही कहा, आप होते कौन हैं? समस्या की सुधि लेने वाले? अजय ने बताया कि उनका सवाल सिर्फ इतना था कि कॉलोनी की समस्याओं का आखिर जिम्मेदार कौन है और सभासद ने निराकरण के लिए क्या पहल की। इस पर सतीश रस्तोगी ने जवाब दिया, “आपको अपना सभासदी दे दूं, आप ही चलाएं। अजय ने कहा कि वह यह समस्या सीधे डीएम के समक्ष रखेंगे, क्योंकि कॉलोनी के लोगों का जीवन नरक हो गया है और उन्हें गंदे पानी में घुसकर आवागमन करना पड़ रहा है।

इस संबंध में अजय कसौधन ने बताया कि उन्होंने डीएम सिद्धार्थनगर डॉ. राजा गणपति आर. से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई। अजय ने कहा कि वह जल्द ही डीएम से मिलकर कॉलोनी के लोगों की समस्या का समाधान कराऊंगा।

रिपोर्ट: जाकिर खान

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