लखनऊ में कोरोना का पांचवां मामला आया सामने, स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ में कोरोना संक्रमण एक बार फिर दस्तक दे रहा है। त्रिवेणी नगर इलाके में रहने वाले 55 वर्षीय एक व्यक्ति की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है, जिसके साथ ही राजधानी में संक्रमित मरीजों की संख्या अब पाँच हो चुकी है। संक्रमित व्यक्ति पिछले आठ वर्षों से हृदय संबंधी बीमारी से ग्रसित हैं और फिलहाल होम आइसोलेशन में इलाजरत हैं।
बताया गया है कि उन्हें 31 मई से बुखार और सर्दी-जुकाम की शिकायत थी। सांस लेने में तकलीफ और सीने में संक्रमण के लक्षण भी उभरे। जब निजी पैथोलॉजी में जांच करवाई गई, तो सोमवार देर रात उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। चौंकाने वाली बात यह है कि मरीज की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, यानी वह हाल-फिलहाल में कहीं बाहर नहीं गए थे। इसके बावजूद संक्रमण की पुष्टि होना, स्थानीय स्तर पर कोविड के फैलाव को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।
सरकारी अस्पतालों की लापरवाही आई सामने
हालात को और गंभीर बनाता है राजधानी के सरकारी अस्पतालों की लापरवाही। शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में अभी तक कोरोना की RT-PCR जांच की व्यवस्था बहाल नहीं की गई है। मरीजों को मजबूरी में निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां मोटी फीस वसूली जा रही है। हालांकि, सीएमओ कार्यालय का दावा है कि सोमवार शाम तक सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटीजन किट भेज दी गई हैं, जिससे अब जांच कार्य तेज किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि मरीज को लक्षण दिखने के बाद निजी डॉक्टर से इलाज कराया गया, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने निजी लैब से टेस्ट करवाया, जहां कोविड की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज 2017 से लारी कार्डियोलॉजी में हृदय रोग का इलाज करवा रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले डालीगंज इलाके की एक बुजुर्ग महिला में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। अब डालीगंज में दो सक्रिय मामले हैं। इन मरीजों की भी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, जिससे सामुदायिक संक्रमण की आशंका बढ़ती जा रही है। हालांकि सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने नए मामलों की पुष्टि करने से इनकार किया है, लेकिन लगातार सामने आ रहे संक्रमण के मामलों से स्वास्थ्य विभाग की चिंता साफ नजर आ रही है।
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