मुंबई ट्रेन हादसे पर GRP का बड़ा एक्शन, सेंट्रल रेलवे के दो इंजीनियरों पर दर्ज हुई FIR, 4 यात्रियों की गई थी जान

Sandesh Wahak Digital Desk: मुंबई में 9 जून को ठाणे के मुंब्रा स्टेशन के पास हुए दर्दनाक रेल हादसे के मामले में राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने पहली बार सेंट्रल रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों पर शिकंजा कसा है। इस दुर्घटना में चार यात्रियों की मौत हो गई थी और नौ अन्य घायल हुए थे। अब GRP ने इस घटना के संबंध में लापरवाही बरतने के आरोप में मध्य रेलवे के दो इंजीनियरों के ख़िलाफ़ सीधी कार्रवाई की है।

रविवार को दर्ज की गई FIR में विशाल डोलास (सहायक मंडल अभियंता) और समर यादव (वरिष्ठ अनुभाग अभियंता) को मुख्य आरोपी बनाया गया है। यह मामला इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि GRP ने पहली बार सेंट्रल रेलवे के इतने वरिष्ठ अधिकारियों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(ए) और 125(बी) (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना, गलत तरीके से रोकना) और आपराधिक लापरवाही से जुड़ी संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि इन इंजीनियरों पर गंभीर आरोप हैं। इन्होंने महत्त्वपूर्ण मरम्मत की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया। पटरियों को असुरक्षित छोड़ दिया गया था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।

दुर्घटना से कुछ दिन पहले ट्रैक संख्या 4 को बिना उचित वेल्डिंग के बदल दिया गया था। वेल्डिंग न होने से एक रेल खंड धंस गया जबकि दूसरा ऊंचा रहा, जिससे ट्रेनें झटके खाकर बगल की ट्रैक संख्या 3 की ओर ख़तरनाक तरीके से मुड़ गईं। जाँच में यह भी पाया गया कि पटरियों के बीच की दूरी सुरक्षा मानदंडों से कम थी (4,506 मिमी की जगह केवल 4,265 मिमी)। जून में भारी बारिश के बावजूद, स्थानीय नगर निगम के इंजीनियरों द्वारा मरम्मत के लिए किए गए लिखित अनुरोधों को भी आरोपी इंजीनियरों ने गंभीरता से नहीं लिया।

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