सामने आई CJI पर जूता फेंकने वाले वकील की पहली प्रतिक्रिया, कहा- भीख नहीं दे सकते तो बर्तन भी न तोड़ें

Sandesh Wahak Digital Desk: सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई (CJI Gavai) पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर (Advo Rakesh Kishor) ने अब इस घटना को लेकर बयान जारी किया है। किशोर ने अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद सीजेआई की गरिमा और संवैधानिक पद को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस घटना से आहत हैं और रहेंगे।

सामने आई 'CJI' पर जूता फेंकने वाले वकील की पहली प्रतिक्रिया, कहा- भीख नहीं दे सकते तो बर्तन भी न तोड़ें

एक समाचार एजेंसी से बातचीत में किशोर ने कहा कि, सीजेआई को सोचना चाहिए कि वह कितने बड़े संवैधानिक पद पर बैठे हैं। जब पूरी कोर्ट उन्हें ‘मीलॉर्ड’ कहती है, तो उन्हें उसकी गरिमा भी समझनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा, किसी को आप भीख नहीं दे सकते तो उसका बर्तन मत तोड़िए। इतना जलील मत करिए कि वह भगवान के सामने ध्यान लगाओ।

बुलडोजर टिप्पणी पर भी नाराज़गी

वहीं राकेश किशोर ने सीजेआई द्वारा विदेश में दिए गए बयान, “देश बुलडोजर से नहीं चलेगा” पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, मेरा सवाल है सीजेआई से और उन सबसे जो मेरा विरोध कर रहे हैं- क्या योगी आदित्यनाथ जिन पर बुलडोजर चला रहे हैं, वे लोग अवैध कब्जे और संपत्तियों पर बैठे नहीं हैं ? क्या यह कार्रवाई गलत है?

उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट बार-बार अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई को रोक रहे हैं, जबकि ज़रूरत इस बात की है कि अदालत मामले का निपटारा करे, न कि पहले से रोक लगा दे।

सामने आई 'CJI' पर जूता फेंकने वाले वकील की पहली प्रतिक्रिया, कहा- भीख नहीं दे सकते तो बर्तन भी न तोड़ें

किशोर का दावा- देश फिर बंटने की ओर

किशोर ने अपने बयान में इतिहास का हवाला देते हुए कहा है कि, हम हजारों साल गुलाम रहे, क्योंकि हम सहनशील थे। अब जब हमारा अस्तित्व खतरे में है, तो हर सनातनी को अपने हित की रक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश के फिर से बंटने का खतरा है और न्यायपालिका, पुलिस और नेता सभी को जागरूक और सजग रहना चाहिए।

निलंबन और कोर्ट की प्रतिक्रिया

वहीं इस घटना के बाद राकेश किशोर को सोमवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने इस घटना पर संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों और कोर्ट अधिकारियों से कहा कि इसे नजरअंदाज किया जाए और आरोपी वकील को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए। दिल्ली पुलिस ने भी कोर्ट परिसर में पूछताछ के बाद किशोर को रिहा कर दिया।

 

Also Read: CJI पर जूता फेंकने की कोशिश पर भड़के ‘अखिलेश’, कहा- जूता भी अपमानित महसूस करता है

Get real time updates directly on you device, subscribe now.