बलरामपुर में गहराया बाढ़ का संकट, राप्ती नदी लाल निशान से ऊपर
Balrampur News: जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और राप्ती बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण राप्ती नदी चेतावनी बिंदु को पार कर गई है। नदी के साथ-साथ पहाड़ी नाले भी उफान पर हैं, जिससे 20 से अधिक गांव प्रभावित हैं और आवागमन बाधित हो गया है। लोगों का कहना है कि बाढ़ खंड द्वारा किए गए कार्यों का कोई खास फायदा नहीं मिल रहा है।

नदी और नालों का कहर
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार सुबह 9 बजे सिसईघाट पर राप्ती नदी का जलस्तर 103.900 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर से ऊपर है। श्रावस्ती के राप्ती बैराज से 30,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर और बढ़ गया है।
खरझार और हेंगहा पहाड़ी नाले भी तबाही मचा रहे हैं। हेंगहा नाले में बाढ़ का पानी ललिया-हरिहरगंज मार्ग पर लौकहवा डिप के पास भर गया है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। अगर पानी और बढ़ता है, तो क्षेत्र की करीब डेढ़ लाख आबादी का जिला मुख्यालय से संपर्क कट सकता है। खरझार नाले में बाढ़ से रामगढ़ मैटहवा, विजयीडीह, लहेरी समेत 20 से अधिक गांवों में जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को भोजन बनाने और घरों में रहने में दिक्कत हो रही है।

कटान का खतरा और सरकारी काम पर सवाल
बाढ़ के कारण राप्ती नदी के किनारे बसे कई गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। मधवापुर गांव में इस साल लगभग ढाई करोड़ रुपये खर्च करके कटानरोधी कार्य कराए गए थे, फिर भी नदी का कटान जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल भी काम करवाया गया था, लेकिन वह भी बाढ़ में बह गया था। उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा है।
प्रशासन की तैयारी
जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तीनों तहसीलों के एसडीएम को प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी करने का निर्देश दिया है। कलेक्ट्रेट स्थित बाढ़ कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा, 19 बाढ़ राहत केंद्र और 32 बाढ़ चौकियां अलर्ट पर हैं।
डीएम ने खुद कोड़री घाट, लौकहवा डिप और एमएलटीडी तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने लौकहवा डिप पर जल निकासी की व्यवस्था न होने पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को फटकार लगाई और तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया। डीएम ने सभी तटबंधों पर निरंतर निगरानी और कटानरोधी सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश भी दिए हैं।
नेपाल में हुई बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा है। फिर भी सभी तैयारी कर ली गई है। प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी है।
पवन अग्रवाल, डीएम, बलरामपुर
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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