Iran-Israel-US War के बीच भारत में फंसे विदेशियों को मिली ये बड़ी राहत
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध (Iran-Israel-US War) का असर अब आम लोगों तक भी पहुंचने लगा है। इस जंग के कारण दुनियाभर में चिंता का माहौल है और हजारों लोग अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने भी एक बड़ा फैसला लिया है, जो भारत में फंसे खाड़ी देशों के नागरिकों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
भारत सरकार का बड़ा फैसला
युद्ध (Iran-Israel-US War) की स्थिति को देखते हुए भारत ने उन विदेशी नागरिकों को 30 दिन का वीजा विस्तार देने का फैसला किया है, जो ईरान पर चल रहे अमेरिका और इजरायल के हमलों के कारण भारत में फंस गए हैं। इसके साथ ही ज्यादा समय तक रुकने पर लगने वाले जुर्माने को भी माफ कर दिया जाएगा। दुबई में भारत के दूतावास ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह राहत उन यात्रियों के लिए है जो खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष की वजह से भारत से बाहर नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि कई देशों के लिए उड़ानें अभी भी बाधित हैं।
वीजा विस्तार पर नहीं लगेगा शुल्क
दूतावास की ओर से बताया गया कि जिन विदेशी नागरिकों के सभी प्रकार के वीजा या ई-वीजा की समय सीमा खत्म हो रही है या जल्द समाप्त होने वाली है, उन्हें एक महीने का मुफ्त विस्तार दिया जाएगा। यह विस्तार संबंधित FRROs यानी विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों द्वारा मामले-दर-मामले के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा 28 फरवरी 2026 के बाद पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों के कारण प्रभावित विदेशी नागरिकों के ज्यादा समय तक रुकने पर लगने वाला जुर्माना भी पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा।
एग्जिट और अस्थायी लैंडिंग परमिट की व्यवस्था
दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रभावित विदेशी नागरिकों को एग्जिट परमिट जारी किए जाएंगे। साथ ही अगर कोई प्रभावित नागरिक एग्जिट परमिट के लिए आवेदन नहीं करता है या वीजा विस्तार नहीं लेता है तो इसे प्रवासन कानूनों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। इसके अलावा भारत ने उन विदेशी नागरिकों को भी मुफ्त में अस्थायी लैंडिंग परमिट यानी TLP देने का फैसला किया है, जिनकी उड़ानें पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र में रुकावटों के कारण भारत की ओर मोड़ दी गई हैं।
दो हफ्तों से जारी है भीषण संघर्ष
आपको बताते चलें कि करीब दो हफ्तों से जारी इस युद्ध (Iran-Israel-US War) में अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर लोग ईरान के बताए जा रहे हैं, जबकि कई लोग लेबनान में भी मारे गए हैं। खाड़ी क्षेत्र में भी मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दशकों से चले आ रहे क्षेत्रीय संघर्षों के बीच पहली बार खाड़ी क्षेत्र खुद को युद्ध की अग्रिम पंक्ति में देख रहा है और लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं।

