पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की अमेरिका को फटकार, कहा- भारत अपनी मर्जी से तेल खरीदेगा, कोई हुक्म नहीं चला सकता

Sandesh Wahak Digital Desk: पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की आलोचना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से अपनी रणनीतिक स्वायत्तता की नीति पर चलता आया है और भविष्य में भी यही करेगा। नरवणे ने कहा, “हम वही करेंगे जो हमारे हित में सबसे बेहतर है। कोई और भारत को यह तय नहीं कर सकता कि उसे क्या करना चाहिए। हमें अपने लोगों के हितों का ध्यान रखना है।”

भारत-USA विवाद पर नरवणे का रुख

‘द जनरल एंड द जर्नलिस्ट’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान नरवणे ने कहा कि यूरोप भी रूस से गैस खरीद रहा है और अमेरिका भी रूस से कुछ सामान खरीदता है। उन्होंने सवाल उठाया, “भारत को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? हम जिससे चाहें, वही खरीदेंगे। यह हमारी जनता के हित में है।”

उन्होंने अमेरिका की चिंता पर कहा कि भारत पूरी तरह से रूस पर निर्भर नहीं है। “हम कई देशों से ऊर्जा आयात करते हैं, लेकिन जब कुछ देशों पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तो विकल्प सीमित हो जाते हैं। फिर हम किससे खरीदें? केवल उन्हीं से जिनसे अमेरिका चाहता है?” नरवणे ने कहा कि भारत उसी नीति का पालन करेगा जो उसके हित में सर्वोत्तम हो।

रणनीतिक स्वायत्तता का संदेश

जनरल नरवणे ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में पीएम मोदी की पुतिन और शी जिनपिंग से मुलाकात को लेकर कहा कि भारत किसी को सबक सिखाने नहीं गया। “हमने बस वही किया जो हम हमेशा कहते आए हैं—हम रणनीतिक स्वायत्तता चाहते हैं और किसी परिस्थिति में खुद विकल्प चुनने के अधिकारी हैं। अमेरिका के साथ भी हम यही कर रहे हैं।”

भारत-अमेरिका संबंधों पर नरवणे की राय

पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध हमेशा बेहतरीन रहे हैं, हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। “संबंध कई स्तरों पर काम करते हैं—राजनीतिक, कूटनीतिक, व्यापार, सैन्य और लोगों के बीच। केवल एक स्तर पर उतार-चढ़ाव का मतलब यह नहीं कि पूरे संबंध खराब हो गए।”

अमेरिका लगातार भारत पर रूस से तेल खरीद को लेकर दबाव डालता रहा है। हाल के दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप और उनके सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर यूक्रेन युद्ध को भड़काने का आरोप लगाया था। नरवणे ने इस पर स्पष्ट किया कि भारत केवल अपने हित और रणनीतिक स्वायत्तता के अनुसार निर्णय लेता है।

Also Read: चंडीगढ़ से दिल्ली बुलाए गए राजीव वर्मा, बने राष्ट्रीय राजधानी के मुख्य सचिव

Get real time updates directly on you device, subscribe now.