पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर और पत्नी नूतन पर जालसाजी का आरोप, 25 साल पुराने मामले में FIR दर्ज
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर पर जालसाजी, धोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला देवरिया में एक औद्योगिक भूखंड के दो दशक पुराने आवंटन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, लखनऊ के तालकटोरा पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता आलोक कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, नूतन ठाकुर ने 1999 में अपने नाम पर एक औद्योगिक भूखंड (प्लॉट संख्या बी-2) हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज, जैसे हलफनामे और जाली पहचान पत्र, का इस्तेमाल किया। आरोप है कि उस समय देवरिया के पुलिस अधीक्षक के पद पर रहे अमिताभ ठाकुर ने अपनी पत्नी को यह भूखंड दिलाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया और आवंटन प्रक्रिया को प्रभावित किया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि दंपति ने भूखंड पर स्वामित्व का झूठा दावा करने के लिए फर्जी बिक्री विलेख, हस्तांतरण दस्तावेज और बैंक चालान का इस्तेमाल किया। श्रीवास्तव ने इस मामले में आपराधिक और विभागीय जांच के साथ-साथ भूखंड को जब्त करने की भी मांग की है।
‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का आरोप
दूसरी ओर, अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर “पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित” है। उनका दावा है कि यह कार्रवाई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के कथित कदाचार को उजागर करने के उनके प्रयासों के प्रतिशोध में की गई है।
दंपति ने कहा कि एक 25 साल पुराने दीवानी विवाद को आपराधिक मामले में बदल दिया गया है, जो साफ तौर पर “प्रतिशोध का मामला” है। उन्होंने विश्वास जताया है कि वे जल्द ही तथ्यों के साथ अपनी बेगुनाही साबित कर देंगे। मामले की जांच फिलहाल जारी है।
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