नोटबंदी के फैसले में अहम भूमिका निभाने वाले उर्जित पटेल को मिली नई जिम्मेदारी, IMF में करेंगे सेवा
Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा।
आरबीआई गवर्नर के रूप में कार्यकाल
डॉ. उर्जित पटेल ने 2016 में रघुराम राजन के बाद आरबीआई के 24वें गवर्नर के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान ही भारत सरकार ने नोटबंदी जैसा बड़ा फैसला लिया था। नवंबर 2018 में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद वे 1992 के बाद सबसे कम समय तक गवर्नर रहने वाले व्यक्ति बने।
पटेल के कार्यकाल का एक और बड़ा फैसला मुद्रास्फीति दर से जुड़ा था। उन्होंने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसके आधार पर आरबीआई ने मुद्रास्फीति को 4% की सीमा के भीतर रखने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
पूर्व में संभाले गए पद
आरबीआई गवर्नर बनने से पहले, डॉ. पटेल ने केंद्रीय बैंक में डिप्टी गवर्नर के रूप में काम किया था, जहां उन्होंने मौद्रिक नीति, आर्थिक नीति अनुसंधान और अन्य महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके अलावा, वह IMF में भी पांच साल तक काम कर चुके हैं। वह 1998 से 2001 तक वित्त मंत्रालय के सलाहकार भी रहे। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईडीएफसी लिमिटेड और एमसीएक्स लिमिटेड जैसी प्रमुख सार्वजनिक और निजी कंपनियों में भी उच्च पदों पर कार्य किया है।
डॉ. पटेल की शैक्षिक योग्यता में येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम.फिल. और लंदन विश्वविद्यालय से बी.एससी. की डिग्री शामिल है।
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