सहकारिता विभाग के चार अधिकारी निलंबित, किसानों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर जेपीएस राठौर का एक्शन

Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी सहकारिता विभाग में काम में लापरवाही और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के चलते चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर के निर्देश पर इन अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है, जिन्हें जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। मंत्री के इस एक्शन से यह संदेश गया है कि प्रदेश सरकार जनता और कृषकों के हितों के प्रतिकूल कार्य करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करेगी।

निलंबित अधिकारियों का विवरण

किसानों और जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायतों की जाँच के बाद, महोबा और देवरिया जनपद के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इन सभी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।

अधिकारी का नाम पद और तैनाती स्थल निलंबन का कारण
विनय कुमार तिवारी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, जनपद महोबा काम में लापरवाही/अनियमितता
रज्जन लाल जिला प्रबंधक, उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड, महोबा काम में लापरवाही/अनियमितता
रमेश त्रिपाठी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, जनपद देवरिया काम में लापरवाही/अनियमितता
वीरेन्द्र यादव जिला प्रबंधक, उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड, देवरिया काम में लापरवाही/अनियमितता

जीरो टॉलरेंस नीति का संदेश

सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रदेश सरकार जनता एवं कृषकों के हितों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही करेगी। राठौर ने दोहराया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उर्वरकों का वितरण पारदर्शी तरीके से कृषकों को किया जाए, और इस लक्ष्य को हासिल करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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