राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह से धोखाधड़ी मामला: MLC अक्षय प्रताप को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, याचिका खारिज
Sandesh Wahak Digital Desk: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ ‘गोपाल जी’ और उनके सहयोगियों को तगड़ा झटका दिया है। अदालत ने भानवी सिंह (रघुराज प्रताप सिंह की पत्नी) द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोपों को गंभीर मानते हुए आरोपियों की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
भानवी सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी फर्म ‘मेसर्स सारंग एंटरप्राइजेज’ की बेशकीमती संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से अक्षय प्रताप और अन्य ने कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार किए। इन फर्जी कागजातों के आधार पर संपत्तियों का हस्तांतरण (Transfer) किया गया। भानवी सिंह ने हजरतगंज पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर गहन जांच की मांग की थी।
हाईकोर्ट का फैसला और न्यायिक प्रक्रिया
यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने पारित किया। अक्षय प्रताप सिंह, रोहित कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह और रामदेव यादव ने निचली अदालत (MP/MLA कोर्ट) के 18 फरवरी के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामला प्रथम दृष्टया गंभीर प्रकृति का है और इसमें हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने एमपी/एमएलए अदालत के उस निर्देश को बरकरार रखा जिसमें मजिस्ट्रेट को मामले की दोबारा सुनवाई करने को कहा गया था।
निचली अदालत का घटनाक्रम
अक्टूबर 2023: शुरुआत में मजिस्ट्रेट ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय इसे केवल ‘परिवाद’ (शिकायत केस) के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया था।
चुनौती: भानवी सिंह ने इस आदेश को विशेष न्यायाधीश (MP/MLA कोर्ट) के समक्ष चुनौती दी।
फरवरी 2026: विशेष न्यायाधीश ने मजिस्ट्रेट के पुराने आदेश को रद्द करते हुए मामले की नए सिरे से सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया का निर्देश दिया।
इस फैसले के बाद अब अक्षय प्रताप सिंह और अन्य आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने और कानूनी शिकंजा कसने का रास्ता साफ हो गया है।

