क्विक कॉमर्स कंपनियों पर FSSAI की सख्ती, Blinkit-Swiggy Instamart के लिए आ सकते हैं नए नियम

Quick Commerce News : भारत में तेजी से बढ़ रहे क्विक कॉमर्स कारोबार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) सख्ती बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट और अमेजन नाउ जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए नए नियम बनाए जा सकते हैं।

इनका मकसद ऑनलाइन बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजित पुन्हानी के मुताबिक, नियामक इन कंपनियों को अधिक जवाबदेह बनाना चाहता है, ताकि ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य उत्पाद मिल सकें।

ऑनलाइन सामान की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट दिखाना हो सकता है जरूरी

प्रस्तावित नियमों के तहत क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खाद्य पदार्थों की लिस्टिंग में उनकी मैन्युफैक्चरिंग डेट, इस्तेमाल की अंतिम तारीख यानी एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दिखाना अनिवार्य किया जा सकता है। इसके अलावा, उत्पादों के बारे में भ्रामक दावे किए जाने पर संबंधित प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी भी तय हो सकती है।

FSSAI डार्क किचन की तस्वीरें और उनका पता दिखाने की अनिवार्यता पर भी विचार कर रहा है। साथ ही, डार्क स्टोर में रखे खाद्य पदार्थों की जांच सख्त की जा सकती है, ताकि उन्हें निर्धारित तापमान पर सुरक्षित तरीके से रखा जाए। इससे ऑनलाइन ऑर्डर करने वाले ग्राहकों को उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़ी अधिक जानकारी मिल सकेगी।

गलत लेबलिंग और नियमों के उल्लंघन पर बढ़ी कार्रवाई

FSSAI ने पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियों की जांच तेज की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट, फ्लिपकार्ट और अमेजन से जुड़े मामलों में गलत लेबलिंग, प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री और वैध लाइसेंस से जुड़ी कमियों को लेकर कार्रवाई की गई है। नियामक के अनुसार, पिछले साल की तुलना में ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े मामले पांच से छह गुना बढ़ गए हैं।

अप्रैल से सितंबर के बीच खाद्य नियामक एजेंसियों ने करीब सात लाख निरीक्षण किए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग दोगुने हैं।

खाद्य कंपनियों और हेल्थ सप्लीमेंट्स पर भी नजर

FSSAI की निगरानी केवल क्विक कॉमर्स कंपनियों तक सीमित नहीं है। खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियों, होटल, रेस्तरां और स्वास्थ्य संबंधी सप्लीमेंट बेचने वालों की भी जांच की जा रही है। खास तौर पर वजन घटाने और अन्य स्वास्थ्य लाभों को लेकर किए जाने वाले भ्रामक दावों पर ध्यान दिया जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पेप्सिको समेत कुछ कंपनियों ने नियामक के नियमों और कार्रवाई को अदालत में चुनौती भी दी है। हालांकि, FSSAI प्रमुख ने कहा है कि कानूनी चुनौतियों के बावजूद उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। प्रस्तावित नियम लागू होने पर क्विक कॉमर्स कंपनियों को खाद्य उत्पादों की जानकारी, भंडारण और गुणवत्ता संबंधी प्रक्रियाओं में बदलाव करना पड़ सकता है।

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