महाराष्ट्र पुलिस के समक्ष 11 हार्डकोर माओवादी कैडर ने किया सरेंडर
Sandesh Wahak Digital Desk: महाराष्ट्र पुलिस को माओवादी विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के 11 सीनियर और हार्डकोर कैडर ने महाराष्ट्र की पुलिस महानिदेशक (DGP) रश्मि शुक्ला के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी आत्मसमर्पित माओवादियों पर कुल 82 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सरेंडर करने वाले माओवादियों में दो डिवीजनल कमेटी सदस्य, तीन प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य, दो एरिया कमेटी सदस्य और चार आम पार्टी सदस्य शामिल हैं। खास बात यह रही कि इनमें से चार कैडर ने अपनी वर्दी और हथियारों के साथ मुख्यधारा में वापसी की। सरेंडर करने वालों में सबसे बड़ा नाम 57 वर्षीय रमेश उर्फ भीमा उर्फ बाजू गुड्डी लेकामी का है, जो भामरागढ़ एरिया का डिवीजनल कमेटी सदस्य था। अन्य सदस्य छत्तीसगढ़ के सुकमा, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर जिलों के रहने वाले हैं।
2025 में अब तक 112 माओवादियों की घर वापसी
यह साल गढ़चिरौली में माओवादी आंदोलन के लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है। साल 2025 में अब तक कुल 112 हथियारबंद माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं। इसी साल जनवरी में 11 और अक्टूबर में पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति समेत 61 बड़े कैडर ने आत्मसमर्पण किया था। कुल मिलाकर, 2005 से अब तक 783 सक्रिय माओवादी गढ़चिरौली पुलिस के सामने हथियार डाल चुके हैं।
दो दिन के गढ़चिरौली दौरे पर आईं डीजीपी रश्मि शुक्ला ने कहा कि माओवादी विचारधारा पूरी तरह खोखली साबित हो चुकी है और आम आदिवासी उनकी हिंसा से तंग आ चुके हैं, यही वजह है कि बड़ी संख्या में कैडर सरेंडर कर रहे हैं। उन्होंने बचे हुए माओवादियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर सम्मान की ज़िंदगी जिएं। उन्होंने जोर दिया कि महाराष्ट्र सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति उनके लिए हमेशा दरवाजा खुला रखती है।
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