गुजरात में वडोदरा-आणंद को जोड़ने वाला गंभीरा पुल टूटा, 9 की मौत, कई वाहन नदी में समाए
Sandesh Wahak Digital Desk: गुजरात में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला महिसागर नदी पर बना गंभीरा पुल पादरा में अचानक ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 5 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत मौके पर पहुँचा और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि कितने लोग नदी में गिरे हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि दो ट्रक, एक कार और दोपहिया वाहनों समेत कई गाड़ियाँ नदी में समा गई हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, गोताखोरों की मदद से तलाश
पुल का एक हिस्सा ढहने के बाद एक ट्रक बीचोंबीच लटका हुआ दिखाई दे रहा है। महिसागर नदी का तल काफी बड़ा होने की वजह से पानी के अंदर कितने वाहन हैं, इसकी सही संख्या का पता अभी नहीं चल पाया है। नदी में फंसे वाहनों और लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है। अग्निशमन विभाग की एक टीम भी मौके पर मौजूद है और गोताखोरों की मदद से नदी में गिरे लोगों की तलाश की जा रही है।
#WATCH | Vadodara, Gujarat | The Gambhira bridge on the Mahisagar river, connecting Vadodara and Anand, collapses in Padra; local administration present at the spot. pic.twitter.com/7JlI2PQJJk
— ANI (@ANI) July 9, 2025
पादरा के पुलिस निरीक्षक विजय चरण ने बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे महिसागर नदी पर बने पुल का एक हिस्सा ढह जाने से करीब चार वाहन नदी में गिर गए। दो ट्रक और दो वैन समेत कई वाहन नदी में गिर गए। हमने अब तक चार लोगों को बचा लिया है।
43 साल पुराना था गंभीरा पुल, मरम्मत की थी दरकार
जानकारी के मुताबिक, यह सामने आया है कि सौराष्ट्र से आने वाले बड़े वाहन टोल टैक्स से बचने के लिए अक्सर इस पुल का इस्तेमाल कर रहे थे। वडोदरा कलेक्टर के अनुसार, यातायात के लिए फिलहाल कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं कराया गया है। महिसागर नदी पर बना यह पुल 43 साल पुराना था और इसे सुसाइड पॉइंट के नाम से भी जाना जाता था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पुल को मरम्मत की सख्त ज़रूरत थी, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं की गई। पुल के ठीक बगल में एक नया पुल बनाने की योजना भी बनाई गई थी।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
आरोप है कि नए पुल को मंज़ूरी मिलने के बावजूद इसका काम शुरू नहीं हुआ था। मानसून शुरू होने से पहले भी कोई सतर्कता नहीं दिखाई गई और पुल के जर्जर होने के बावजूद इसे यातायात के लिए बंद नहीं किया गया। यह भी आरोप लग रहा है कि यह पुल लंबे समय से हिल रहा था और इसकी शिकायतें लगातार की जा रही थीं, लेकिन समय रहते कोई एक्शन नहीं लिया गया और इसकी मरम्मत नहीं कराई गई, जिसका खामियाजा आज इस बड़े हादसे के रूप में सामने आया है। प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Also Read: ‘न्याय की उम्मीद में हूं’, FIR के बाद यश दयाल पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

