फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का खुलासा, यूपी STF ने 5 सदस्य किए गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी वेबसाइट, सॉफ्टवेयर और पोर्टल के माध्यम से कूटरचित जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई 31 अक्टूबर 2025 को की गई।

प्रमुख गिरफ्तारियां और अभियुक्तों का विवरण

  • लाल बिहारी पाल पुत्र सिरधर (निवासी लखनऊ)
  • रवि वर्मा पुत्र बंशराज (निवासी मोतीगंज, गोण्डा)
  • सोनू वर्मा पुत्र बंशराज (निवासी मोतीगंज, गोण्डा)
  • बंशराज वर्मा पुत्र स्व० वजनदास (निवासी मोतीगंज, गोण्डा)
  • सत्यरोहन वर्मा पुत्र गंगाराम वर्मा (निवासी मोतीगंज, गोण्डा)

गिरफ्तारी लखनऊ के दुबग्गा तिराहा और जनपद गोण्डा के मोतीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा बिटोरा इमलिया, बिशुनपुर, बैरिया से की गई।

बरामदगी और कार्यप्रणाली का खुलासा

  • 05 अदद मोबाइल फोन।
  • 07 अदद एटीएम।
  • 25 अदद फर्जी जन्म प्रमाण पत्र।
  • 05 अदद मृत्यु प्रमाण पत्र।
  • 14 अदद आयुष्मान कार्ड।
  • नकद रू० 27,690/-।
  • 01 अदद डीएल, 01 अदद हार्ड डिस्क।
  • 01 अदद वैगनार कार (नं० यूपी 14 सीएल 6208)।

कार्यप्रणाली

पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार अभियुक्त लाल बिहारी पाल, जो ग्राम अहिरौरी, हरदोई में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर सेवारत है, अपने साथी रवि वर्मा के सहयोग से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाता था। गिरोह का सरगना रवि वर्मा ने खुलासा किया कि वे अवैध आर्थिक लाभ के लिए Google, Youtube और Artificial Intelligence की मदद से फर्जी वेबसाइट जैसे http://dashboardcrs.in और https://www.cscprintpoint.com बनाकर उन्हें youstable कंपनी से होस्ट कराते थे।

वे अपने साथियों को एकमुश्त रकम लेकर लॉगिन आईडी और पासवर्ड देते थे। इन फर्जी वेबसाइटों पर ऑनलाइन लॉगिन करके कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार किए जाते थे। गिरोह ने अब तक लगभग 1,40,000 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और 2500 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए हैं। इसके लिए वे प्रति व्यक्ति लगभग ₹600 से ₹1000 तक वसूलते थे। रवि वर्मा, प्रति जन्म प्रमाण पत्र ₹30/- और प्रति मृत्यु प्रमाण पत्र ₹70/- UPI के माध्यम से अपने पिता के खाते में लेता था।

विधिक कार्यवाही

अभियुक्त रवि वर्मा के विरुद्ध पूर्व में भी थाना कोतवाली नगर, जनपद गोण्डा में मु०अ०सं० 495/2022 धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादवि व 66डी आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत है। वर्तमान में, गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना साइबर, जनपद लखनऊ में मु०अ०सं०-175/2025 धारा 318(4), 319(2), 336 (3), 338, 340 (2) बीएनएस एवं 73, 74, 66सी, 66डी आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया है।

स्थानीय पुलिस द्वारा मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। एसटीएफ के अनुसार, ये फर्जी प्रमाण पत्र अनाधिकृत लाभ लेने, फर्जी बैनामा और वसीयत में प्रयोग किए जा रहे थे। इस ऑपरेशन से इस संगठित अपराध पर बड़ी रोक लगी है।

Also Read: Lucknow News: दबंगों ने जमीन विवाद में दो भाइयों को पीटा, खुलेआम फायरिंग कर फैलाई दहशत, 35 लोगों पर FIR दर्ज

Get real time updates directly on you device, subscribe now.