टेस्ट सीरीज हार के बाद भी गौतम गंभीर की नौकरी सुरक्षित? BCCI की रणनीति आई सामने
Sandesh Wahak Digital Desk: लगातार 12 वर्षों तक घर में टेस्ट सीरीज न हारने वाली टीम इंडिया पिछले एक साल में दूसरी बार क्लीन स्वीप का सामना कर चुकी है।
2012 से 2024 के बीच टीम इंडिया अपने घरेलू मैदान पर सिर्फ 5-6 टेस्ट मैच ही हारी थी, लेकिन 2024 में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 7 में से 5 मैचों में हार ने टीम की तैयारी, रणनीति और कोचिंग स्टाफ की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह सब मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में हुआ, जिसके चलते अब उनके भविष्य पर चर्चा तेज हो गई है। चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

BCCI का रुख: फिलहाल कोई त्वरित कार्रवाई नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक लगातार दो घरेलू टेस्ट सीरीज क्लीन स्वीप की शर्मनाक हार के बावजूद BCCI जल्दबाज़ी में कोई फैसला लेने के पक्ष में नहीं है। बोर्ड का मानना है कि टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है, इसलिए बड़े फैसले लेने का यह सही समय नहीं है।
सूत्रों के अनुसार बोर्ड न तो खिलाड़ियों में कोई बड़ा बदलाव करने वाला है, न ही टीम मैनेजमेंट में। हालांकि सेलेक्शन कमेटी और मैनेजमेंट से बातचीत जरूर होगी ताकि आगे की रणनीति पर स्पष्टता लाई जा सके।
वर्ल्ड कप 2027 तक गंभीर का कॉन्ट्रैक्ट
रिपोर्ट में बताया गया है कि गौतम गंभीर को लेकर फिलहाल किसी तरह का निर्णय लेने की योजना नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, “गंभीर को लेकर हम कोई त्वरित फैसला नहीं करेंगे। वर्ल्ड कप करीब है और उनका कॉन्ट्रैक्ट भी 2027 वर्ल्ड कप तक है।”
गौरतलब है कि गंभीर को जुलाई 2024 में तीन साल के लिए हेड कोच नियुक्त किया गया था।
टीम इंडिया की अगली टेस्ट सीरीज अभी दूर
गंभीर से तत्काल दबाव कम होने का एक बड़ा कारण यह भी है कि टीम इंडिया अगली टेस्ट सीरीज अब अगस्त 2026 में खेलेगी, जब वह श्रीलंका दौरे पर जाएगी।
भारत की अगली घरेलू टेस्ट सीरीज 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगी, जो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए आएगी।
इसका मतलब है कि गंभीर के पास टेस्ट फॉर्मेट के लिए अपनी योजनाओं को नए सिरे से तैयार करने और टीम को मजबूत करने के लिए पर्याप्त समय है।

