50 हजार का इनामी ठग योगेश गुप्ता चढ़ा एसटीएफ के हत्थे, काफी समय से थी तलाश

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF), लखनऊ को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने गाजियाबाद के थाना मोदीनगर पर दर्ज एक गंभीर धोखाधड़ी और आपराधिक मामले में वांछित चल रहे ₹50,000 रुपये के पुरस्कार घोषित अपराधी योगेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 16 नवंबर 2024 की देर रात मेरठ के मोदीपुर क्षेत्र से की गई।

मामला और गिरफ्तारी का विवरण

गिरफ्तार अभियुक्त: योगेश गुप्ता (उम्र लगभग 43 वर्ष), पुत्र स्व. सुरेश चन्द्र गुप्ता।

पता (हाल): ओघडनाथ मन्दिर के पास काली पलटन, थाना सदर बाजार, मेरठ।

गिरफ्तारी का स्थान और समय: 16-11-2024, रात 11:10 बजे, बीकानेर रेस्टोरेंट के सामने, निकट हाईवे किनारे, मोदी पुरम, मेरठ क्षेत्र।

पंजीकृत अभियोग: मु.अ.सं. 280/23, धारा 406/420/504/506/120बी IPC (धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धमकी आदि) थाना मोदीनगर, कमिश्नरेट गाजियाबाद।

पुरस्कार राशि: ₹50,000/- (अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, अपराध/मुख्यालय, कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा घोषित)।

एसटीएफ टीम और ऑपरेशन

एसटीएफ को वांछित और पुरस्कार घोषित अपराधियों के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। इसी के अनुपालन में, अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्रा (एसटीएफ फील्ड इकाई, नोएडा) के पर्यवेक्षण और पुलिस उपाधीक्षक नवेन्दु कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।

16 नवंबर 2025 को मुखबिर से सूचना मिली कि ₹50 हजार का इनामी अपराधी योगेश गुप्ता, मेरठ के मोदीपुर स्थित बीकानेर रेस्टोरेंट के सामने मौजूद है। सूचना को विकसित करने के बाद, एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस से समन्वय स्थापित कर तत्काल मौके पर पहुंचकर योगेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।

धोखाधड़ी की कहानी: जुए की लत और मकान बेचना

बी.कॉम पास योगेश गुप्ता ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह आईटीएस डेंटल क्लीनिक मुरादनगर में लैब टेक्नीशियन के पद पर काम करता था, लेकिन उसे जुए की लत लग गई थी। योगेश के पिता, सुरेश चन्द्र गुप्ता, जिस कंपनी में काम करते थे, उस कंपनी ने उन्हें रहने के लिए एक मकान दिया था, जिसका मालिकाना हक कंपनी के नाम पर था और उसे बेचा नहीं जा सकता था।

जुए के कारण उस पर काफी कर्ज हो गया था। इसी कर्ज को चुकाने के लिए, योगेश गुप्ता ने वर्ष 2021 में पिता की मृत्यु के बाद, अपनी माता और बहन के साथ मिलकर धोखे से उस मकान को अलका (पत्नी यशपाल, निवासी मोदीनगर) को बेच दिया।

जब खरीदार को धोखाधड़ी की जानकारी हुई, तब तक योगेश गुप्ता पैसे लेकर मेरठ भाग गया था। इसी धोखाधड़ी के संबंध में अलका द्वारा 27-05-2023 को योगेश गुप्ता और अन्य तीन लोगों के विरुद्ध मोदीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था, तभी से योगेश फरार चल रहा था। गिरफ्तार अभियुक्त योगेश गुप्ता को थाना मोदीनगर में दाखिल कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

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