Goa Temple Stampede: मंदिर में उत्सव के दौरान भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत, 70 से अधिक घायल
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तरी गोवा के एक मंदिर में शनिवार तड़के एक उत्सव के दौरान भगदड़ मचने से दो महिलाओं समेत 7 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना पणजी से लगभग 40 किलोमीटर दूर शिरगांव के श्री लईराई देवी मंदिर में तड़के करीब तीन बजे हुई।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भगदड़ की घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की घोषणा की। पुलिस ने बताया कि हजारों श्रद्धालु वार्षिक उत्सव में भाग लेने के लिए मंदिर की संकरी गलियों में उमड़ पड़े और इसी दौरान भगदड़ मच गई।
पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने बताया कि 7 लोगों की मौत हुई है और कई अन्य लोगों का राज्य के विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। अधिकारी ने कहा, ‘‘इस उत्सव के लिए कम से कम 30,000 से 40,000 लोग एकत्र हुए थे और कुछ लोग एक ढलान पर खड़े थे। ढलान पर कुछ लोग गिर गए जिससे अन्य लोग एक-दूसरे पर गिर गए।
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कही ये बात
PM मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी उत्तरी गोवा जिला अस्पताल में घायलों से मुलाकात की।
सावंत ने घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में मंदिर उत्सवों के दौरान ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भविष्य में सावधानी बरती जाएगी। इससे पहले सावंत ने ‘एक्स’ के जरिए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें फोन कर पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने बताया कि लगभग 80 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 13 वर्तमान में गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसी) में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से पांच की हालत गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है, जबकि शेष को विशेष रूप से बनाए गए आपातकालीन वार्ड में रखा गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गोवा इकाई के अध्यक्ष दामोदर नाइक ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) मंदिर में मची भगदड़ के बाद की स्थिति पर स्वयं नजर रख रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस ने घटना पर शोक व्यक्त किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार भगदड़ की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच का आदेश दे और आवश्यक कार्रवाई करे।
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