गोण्डा का खूंखार गैंगस्टर आकाश यादव गिरफ्तार, आंखों में मिर्ची झोंककर लूटने वाले गिरोह का था सरगना
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने रविवार को गोण्डा जिले के मोस्ट वांटेड अपराधी आकाश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आकाश पर ₹50,000 का इनाम घोषित था और वह पिछले एक साल से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। एसटीएफ लखनऊ की टीम ने एक सटीक सूचना पर जाल बिछाया और आकाश को उस वक्त धर दबोचा जब वह भागने की फिराक में था।
‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के बीच ‘क्लीन अरेस्ट’
इस गिरफ्तारी की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि पुलिस ने बिना ‘हाफ एनकाउंटर’ (पैर में गोली मारे) के इस शातिर अपराधी को पकड़ा है। जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते ही हाईकोर्ट ने पुलिस के ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा था कि सजा देना अदालत का काम है, पुलिस का नहीं। शायद यही वजह है कि एसटीएफ ने इस बार बिना खून-खराबे के ऑपरेशन को अंजाम दिया।
बेहद खौफनाक था लूट का तरीका
आकाश यादव कोई छोटा-मोटा चोर नहीं, बल्कि एक संगठित लुटेरा गिरोह का लीडर है। उसका काम करने का तरीका (Modus Operandi) किसी फिल्म की तरह था। वह और उसका गिरोह (सुमित, संदीप, आदित्य और हरतू) रात के अंधेरे में बाइक सवारों का पीछा करते थे। मौका मिलते ही वे शिकार की आंखों में लाल मिर्ची का पाउडर झोंक देते थे। जब तक शिकार कुछ समझ पाता, ये नकदी, मोबाइल और गाड़ियां लूटकर गायब हो जाते थे।
जुर्म की लंबी दास्तान
आकाश ने साल 2024 में वारदातों की झड़ी लगा दी थी।
अप्रैल 2024: देहात कोतवाली और नवाबगंज में बाइक सवारों को निशाना बनाया और हजारों रुपये लूटे।
मई-जून 2024: खरगूपुर और धानेपुर में लूटपाट की। मोतीगंज में तो हद पार करते हुए एक ई-रिक्शा चालक को चाकू मारकर लूट लिया था।
साल 2025 में जब पुलिस ने उस पर गैंगस्टर एक्ट लगाया, तो वह अंडरग्राउंड हो गया। उसके साथी तो पकड़े गए, लेकिन आकाश फरार चल रहा था। अब एसटीएफ उससे पूछताछ कर रही है कि फरारी के दौरान उसे शरण देने वाले ‘सफेदपोश’ कौन थे।
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