Gonda News: महिलाओं के अंडाणुओं की खरीद-फरोख्त पर घिरा जीवनदीप हॉस्पिटल

आईवीएफ-सरोगेसी समेत हर तकनीक से मां-बाप बनने को लाखों खर्च कर रहे नि:संतान दंपत्ति

Sandesh Wahak Digital Desk: गोण्डा जिले के आवास विकास में स्थित जीवनदीप हॉस्पिटल पर गैर कानूनी तरीके से महिलाओं के अंडाणुओं के कारोबार का गंभीर आरोप लगाकर रिटायर्ड आईपीएस व आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने सनसनी फैला दी है।

पूर्व आईपीएस ने भारत सरकार के नेशनल एआरटी (सहायक प्रजनन तकनीक) एवं सरोगेसी बोर्ड को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि उत्तर प्रदेश के गोण्डा में स्थित जीवनदीप हॉस्पिटल में गैर कानूनी ढंग से महिलाओं के अंडाणु खरीदे जाने का कारोबार फल-फूल रहा है। दरअसल, महिलाओं का नि:संतान होना समाज में अभिशाप माना जाता है। इससे नि:संतान महिलाओं को सामाजिक तनाव, भेदभाव, अलगाव और मनोवैज्ञानिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस कलंक के कारण अक्सर दोष, शर्म और परिवार द्वारा प्ररित्याग जैसी भावनाओं का अनुभव होता है। ऐसे दंपति किसी भी तरह से बच्चा होने की उम्मीद से अस्पताल और डॉक्टर के चक्कर लगाना शुरू कर देते हैं। यहीं से निजी अस्पतालों के बच्चा पैदा करने का कारोबार पनपता है।

आईवीएफ-सरोगेसी समेत हर तकनीक से मां-बाप बनने को लाखों खर्च कर रहे नि:संतान दंपत्ति

आईवीएफ से लेकर सरोगेसी तक हर तकनीक से लोग मां-बाप बनने के लिए लाखों रूपए खर्च करने को तैयार रहते हैं। पुरुषों के शुक्राणु से लेकर महिलाओं के अंडाणु और कोख तक, सब बाजार में बिक रहा है। पहले ये सुविधाएं बड़े शहरों तक ही सीमित थीं लेकिन अब पैसों के लालच में छोटे शहरों के अस्पताल भी इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं। गोण्डा के निजी अस्पताल जीवनदीप पर इसी कारोबार में शामिल होने का आरोप लगा है। इस अस्पताल में महिलाओं के अंडाणुओं को दलालों के जरिए खरीदा जा रहा है और इसकी कीमत बाजार में 15 हजार रूपये रखी गयी है। बड़े शहरों में इसकी कीमत काफी ज्यादा है।

 

महिलाओं के अंडाणु खरीदे जाने के पुख्ता सबूत: अमिताभ ठाकुर

आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने राष्ट्रीय सहायक प्रजनन तकनीकी बोर्ड को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि गोण्डा के जीवनदीप अस्पताल में दलालों के जरिये महिलाओं के अंडाणु खरीदे जाने से संबंधित वीडियो-ऑडियो के रिकॉर्डिंग प्राप्त हुए हैं। जिससे प्रथम दृष्टया अस्पताल द्वारा पैसे देकर महिलाओं के अंडाणु खरीदे जाने के तथ्य प्रमाणित होते दिखाई देते हैं। जीवनदीप अस्पताल का यह कार्य सहायक प्रजनन तकनीकी विनियमन अधिनियम 2021 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन है क्योंकि कोई भी अस्पताल बिना पंजीकरण एवं बिना समुचित प्रक्रिया के सहायक प्रजनन तकनीकी से संबंधित कार्य नहीं कर सकता है। अधिनियम की धारा 32, 33 व 34 में गंभीर दंड का प्रावधान है। शिकायत करने का अधिकार बोर्ड को ही है। उन्होंने बोर्ड को तथ्यों की जांच कर नियमानुसार सीजेएम गोण्डा के समक्ष शिकायत प्रस्तुत किए जाने की मांग की है।

हॉस्पिटल में काम करने वाली महिला ने खोले राज

जीवनदीप अस्पताल के मामले में वहां काम करने का दावा करने वाली महिला का सोशल मीडिया पर वीडियो भी जारी किया गया है। महिला के बयान को अमिताभ ठाकुर ने शिकायती पत्र के साथ जारी किया है। वीडियो में महिला द्वारा बताया जा रहा है कि गोण्डा के जीवनदीप अस्पताल में गुंजन भटनागर डोनेट वाला अंडे लेती है। दस से बारह दिन तक इंजेक्शन लगाती है, जिससे वह तैयार हो जाता है। इसके बाद उसे निकालती हैं। फिर महिला को 15 हजार रुपए पेमेंट दे देती है। महिला कहती है कि धंधे की जानकारी उसे साल भर पहले से है। एक मरीज को सिर्फ 15 हजार मिलता है। महिला के अनुसार जीवनदान हॉस्पिटल में यह धंधा काफी समय से चल रहा है।

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