Gonda News: पुलिस और राजस्व अधिकारियों की सरपरस्ती में फल-फूल रहे भू-माफिया!
जिलाधिकारी के संरक्षण वाली 60 बीघे जमीन के बैनामा मामले में असहाय नजर आ रहा प्रशासन
Sandesh Wahak Digital Desk: गोण्डा जिले की करनैलगंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कादीपुर इन दिनों सुर्खियों में है। यहां स्थित बेशकीमती करीब 60 बीघे उस जमीन का कूटरचित तरीके से बैनामा करा लिया गया, जिसके संरक्षक जिलाधिकारी हैं। यह प्रकरण जब तत्कालीन जिलाधिकारी नेहा शर्मा के सामने पहुंचा तो उनका माथा ठनका और उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में राजस्व निरीक्षक व लेखपाल की संलिप्तता पाई गयी थी, जिसकी रिपोर्ट सौंप दी गयी, लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। एक साल से सिर्फ जांच-दर-जांच का खेल चल रहा है।

भू-माफियाओं से भ्रष्ट कर्मचारियों की साठगांठ
योगी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती रही है, लेकिन गोण्डा में भ्रष्ट कर्मचारियों की साठगांठ से भू-माफियाओं द्वारा 60 बीघे जमीन का कूटरचित तरीके से बैनामा करा लिए जाने का मामला सिस्टम और जीरो टॉलरेंस नीति को कटघरे में खड़ा करता है। दरअसल, करनैलगंज तहसील के ग्राम पंचायत कादीपुर के रहने वाले मूकबधिर जड़बुद्धि नामक व्यक्ति की सारी संपत्ति के संरक्षक जिलाधिकारी गोण्डा थे। आरोप है कि जिले के बड़े भू-माफिया अंकुर अग्रवाल ने अपने पार्टनर अतुल अग्रवाल व भावना अग्रवाल के साथ मिलकर मूकबधिर जड़ बुद्धि की जमीन को पहले उसके रिश्तेदार के नाम करवा दिया और बाद में उससे खुद बैनामा करवा लिया।

हालांकि, विधि विशेषज्ञ बताते हैं कि उक्त जमीन का बैनामा बिना जिलाधिकारी गोण्डा की अनुमति के नहीं हो सकता था, लेकिन करनैलगंज तहसील प्रशासन और भू-माफियाओं की मिलीभगत ने सारे नियम और कायदे-कानून को ताख पर रखकर इतना बड़ा खेला कर डाला और जिलाधिकारी गोण्डा को कानों-कान भनक तक नहीं लगी। हालांकि, यह भी बड़ा सवाल है कि 60 बीघे उस जमीन का बैनामा करा लिया गया, जिसके जिलाधिकारी गोण्डा संरक्षक थे, उन्हें इसकी आखिर भनक कैसे नहीं लगी? वैसे यह बात सहज ही गले नहीं उतर रहा है।

तत्कालीन डीएम नेहा शर्मा ने दिया था जांच के आदेश
बताते चलें कि इस प्रकरण को जिले के एक समाजसेवी द्वारा जिलाधिकारी तक पहुंचाया गया, जिसे गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने पूरे मामले पर मुख्य राजस्व निरीक्षक, गोण्डा को जांच अधिकारी नामित करते हुए जांच करने का आदेश दिया था। मुख्य राजस्व निरीक्षक ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि प्रथम दृष्टया राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की संलिप्तता पाई गयी है। इनकी मिलीभगत से 60 बीघे जमीन के बैनामे का खेल हुआ है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को दे दी, लेकिन आज तक राजस्व निरीक्षक और लेखपाल पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गयी। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी गोण्डा के संरक्षण वाली 60 बीघे जमीन का बैनामा कराने वाले भू-माफियाओं पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

रेलवे व ग्राम समाज की जमीन का करा लिया था एग्रीमेंट
बताते चलें कि यह वही अंकुर अग्रवाल है, जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने रेलवे और ग्राम समाज की जमीन का कूटरचित तरीके से एग्रीमेंट करवा लेने का आरोप लगा था। वह जमीन की प्लाटिंग की फिराक में था। मामले को नेहा शर्मा ने गंभीरता से लेते हुए भू-माफियाओं पर तत्काल मुकदमा पंजीकृत कराया था।
मजिस्ट्रेटियल जांच के उपरांत गंभीर धाराओं में 15 सितंबर 2023 को मुकदमा पंजीकृत हुआ था, लेकिन पुलिस ने आज तक इस प्रकरण में कुछ नहीं किया और फाइल ठंडे बस्ते में डाल दिया। वहीं, भू-माफिया अंकुर अग्रवाल पर दूसरा मुकदमा 11 जुलाई 2025 को गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया। इसके खिलाफ अमित अग्रवाल ने मुकदमा दर्ज कराया। इस प्रकरण को भी पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया।
विवेचक बोले, क्या कर दूं?
इस प्रकरण के विवेचक बड़गांव पुलिस चौकी इंचार्ज विपुल पांडेय से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताइए क्या करना है? क्या कर दूं?
सीआरओ कर रहे जांच, होगी कार्रवाई : एसडीएम
करनैलगंज की तेज तर्रार मानी जाने वाली उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा का कहना है कि इस प्रकरण की जानकारी उन्हें हुई है। सीआरओ द्वारा जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: ए. आर. उस्मानी

