Gonda News: अब ग्राम सुरक्षा समितियां संभालेंगी कमान, अफवाहों पर लगाएंगी लगाम

रात्रि गश्त के साथ ही पुलिस तक पहुंचाएंगी गांवों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी

Gonda News: जिले में चोरी व ड्रोन की अफवाहों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने नया फार्मूला ईजाद किया है। इसके लिए ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है, जो न सिर्फ चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए काम करेंगी, बल्कि अफवाहों पर भी नियंत्रण रखेंगी। इसके साथ ही गांवों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएंगी।

चोरी व ड्रोन की अफवाहों से हलकान गोण्डा पुलिस ने उठाया कदम

जिले में चोरी और ड्रोन की अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने 1,128 गांवों में सुरक्षा समितियों का गठन किया है। समिति के सदस्य गांव में होने वाली गतिविधियों की जानकारी देंगे, जिससे पुलिस को अपराध व अपराधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्य स्थानीय पुलिस के संपर्क में रहकर गांवों में रात्रि गश्त भी करेंगे। इससे जहां अफवाहों व आसामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगेगी, वहीं दूसरी तरफ जनता में शांति एवं सौहार्द का माहौल भी बना रहेगा।

दरअसल, ग्राम सुरक्षा समितियां पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से गांव में अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बनाई जाती हैं। इन समितियों में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी होती है और सदस्यों को किसी भी असामान्य गतिविधि या सूचना को तुरंत पुलिस तक पहुंचाने का निर्देश दिया जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य पुलिस को सूचनाएं देना और ग्रामीण स्तर पर सुरक्षा को मजबूत करना है।

सुरक्षित वातावरण बनाए रखना भी ग्राम सुरक्षा समितियों की जिम्मेदारी

इसके अलावा ग्रामीणों की मदद से अपराधों और आपराधिक गतिविधियों को रोकना, गांवों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नज़र रखना तथा उसकी सूचना पुलिस को देना, चोरी, ड्रोन या अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न देने और सही जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस को सूचित करने का निर्देश देना, पुलिस की पहुंच और संपर्क प्रणाली को मजबूत करना तथा गांव में सुरक्षित वातावरण बनाए रखना भी ग्राम सुरक्षा समितियों की जिम्मेदारी है।

इसके साथ ही गांवों में सुरक्षा के महत्व और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने की आवश्यकता के बारे में लोगों को जागरूक करना भी इस सुरक्षा समिति के दायरे में आता है। ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन पुलिस द्वारा स्थानीय लोगों के सहयोग से किया जाता है, जिसमें सक्रिय युवाओं और अन्य ग्रामीणों को शामिल किया जाता है। समिति के सदस्य संदिग्ध गतिविधि दिखने पर उसकी तस्वीर या वीडियो बनाकर तुरंत पुलिस को सूचित करते हैं, जिससे कार्रवाई में मदद मिलती है।

समितियों के माध्यम से लोगों को किया जा रहा जागरूक

समितियां गांव के भीतर या उसके आसपास दिन-रात गश्त करती हैं और किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखती हैं। ये समितियां पुलिस और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती हैं। यह ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से अपराध नियंत्रण की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। जिले में अब तक 1,128 ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन किया जा चुका है। इन समितियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही गश्त को और प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गयी है। एसपी विनीत जायसवाल खुद रात में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त करके सुरक्षा प्रबंधों के बारे में जानकारी लेते हैं। लोगों से संवाद के साथ-साथ सुरक्षा का एहसास दिलाने का काम करते हैं।

कहां कितनी समितियों का हुआ गठन?

कोतवाली नगर में 42, देहात में 164, खरगूपुर में 108, इटियाथोक में 34, धानेपुर में 86, मोतीगंज में 79, मनकापुर में 21, खोड़ारे में 44, छपिया में 31, तरबगंज में 65, नवाबगंज में 33, वजीरगंज में 87, उमरीबेगमगंज में 45, करनैलगंज में 92, परसपुर में 72, कौड़िया में 65, कटरा बाजार में 60 सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है।

गोण्डा पुलिस हर समय है साथ : पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल का कहना है कि अगर कोई झूठी सूचना देता है तो उसे छह माह से दो साल तक के कारावास या पांच हजार रुपये अर्थदंड अथवा दोनों सजा हो सकती है। ऐसे में बिना तथ्यों की जांच किए कोई भी झूठी सूचना न दे, वरना कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने बताया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 या नजदीकी थाने अथवा चौकी पर दें। कानून हाथ में न लें। गोण्डा पुलिस हर समय आपके साथ है।

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