Gonda News: बृजभूषण की ‘शरण’ में राजनीतिक भविष्य तलाश रहे राम प्रताप!

Sandesh Wahak Digital Desk/A.R.Usmani: कहते हैं कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। यह सही भी है, लेकिन यह भी सच है कि राजनीति भी अनिश्चितताओं का ही दूसरा रूप है। इसमें कभी भी, कुछ भी हो सकता है। इन दिनों जिले की सियासत में जो खिचड़ी पक रही है, वह नयी पटकथा का स्पष्ट संकेत है।

दरअसल, मौजूदा समय में कांग्रेस के नेता एवं बीजेपी के टिकट पर सादुल्लाहनगर (अब गौरा) विधानसभा सीट से छह बार विधायक रहे राम प्रताप सिंह और कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की नजदीकियां न सिर्फ चर्चा का विषय बनी हुई हैं, बल्कि राजनीतिक पंडितों का कहना है कि आने वाले समय में जिले की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो सकता है। पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की नजदीकियां इसी ओर इशारा कर रही हैं।

राम प्रताप सिंह ने संभाली पिता की राजनीतिक विरासत

बताते चलें कि गोण्डा जिले की सादुल्लाहनगर (अब गौरा) विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व राम प्रताप सिंह के पिता दशरथ सिंह ने डेढ़ दशक तक किया। उनके निधन के उपरांत राम प्रताप सिंह ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाली और भाजपा के टिकट पर छह बार विधायक निर्वाचित हुए। बताते हैं कि राम प्रताप सिंह के पिता स्वर्गीय दशरथ सिंह की आरएसएस में गहरी पैठ थी और संघ के साथ ही भाजपा के भी दिग्गज नेताओं से उनके अच्छे संबंध थे। इसी का फायदा राम प्रताप सिंह को मिलता रहा और वे सादुल्लाहनगर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक चुने गए।

इस बीच राजनीति ने करवट बदली तो वर्ष 2017 में राम प्रताप सिंह ने भाजपा को अलविदा कहकर साइकिल की सवारी कर ली। हालांकि वे यहां भी ज्यादा समय तक नहीं ठहर सके और वर्ष 2022 में कांग्रेस से शामिल हो गए। कांग्रेस ने उन्हें गौरा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा लेकिन वह हार गए। संघ के सांचे में ढले और पले-बढ़े राम प्रताप सिंह में सबसे बड़ी खासियत यह है कि अपने विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओं में भी उनकी गहरी पैठ है। वे जब भाजपा से चुनाव लड़ते थे तब भी बड़ी संख्या में मुस्लिम उन्हें वोट देते थे।

बृजभूषण और राम प्रताप के बीच बढ़ती नजदीकियों से उठ रहे सवाल

इस साल 8 जनवरी को कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का जन्मदिन था। इस मौके पर कांग्रेस नेता पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह ने उनके आवास विश्नोहरपुर पहुंचकर न सिर्फ बधाई दी, बल्कि इस दौरान ली गयी सेल्फी को भी सोशल साइट्स पर शेयर किया। इतना ही नहीं, बृजभूषण शरण सिंह ने भी राम प्रताप सिंह के साथ ली गयी सेल्फी को अपने सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्मों पर शेयर किया, जिसके बाद जिले की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। सूत्र बताते हैं कि राम प्रताप सिंह बृजभूषण की ‘शरण’ में जाकर अपना राजनीतिक भविष्य तय करना चाहते हैं। उनका मानना है कि बृजभूषण की ‘कृपा’ से उनकी नैया पार लग सकती है।

आज दशरथ सिंह की मूर्ति का अनावरण करेंगे पूर्व सांसद

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह सोमवार को कांग्रेस नेता राम प्रताप सिंह के पिता पूर्व विधायक स्वर्गीय दशरथ सिंह की मूर्ति का अनावरण करेंगे। दशरथ सिंह स्मारक पीजी कॉलेज, निपनिया, गौरा चौकी में आयोजित इस कार्यक्रम के बृजभूषण शरण सिंह मुख्य अतिथि हैं जबकि कटरा बाजार से भाजपा विधायक बावन सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर   पर मौजूद रहेंगे।

यह राम प्रताप सिंह का निजी कार्यक्रम : कांग्रेस जिलाध्यक्ष

इस संबंध में कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष प्रमोद पाण्डेय का कहना है कि पूर्व विधायक स्वर्गीय दशरथ सिंह की मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम राम प्रताप सिंह का निजी मामला है। इससे कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा नेता व पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को मुख्य अतिथि बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी गाइडलाइन के खिलाफ है।

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