Gonda News: सड़क हादसे में दर्जनभर मौतों के बाद भी सबक नहीं ले रहे आरटीओ-पीटीओ!

Sandesh Wahak Digital Desk/A.R.Usmani: गोण्डा जिले में तीन अगस्त को गोण्डा-बलरामपुर मार्ग पर एक ओवरलोड बोलेरो अनियंत्रित होकर सरयू नहर में पलट गयी थी। इस हादसे में 12 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गयी थी। इस भीषण दुर्घटना से पूरा जिला थर्रा गया था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संवेदनाओं से पट गये थे। हालांकि, रोंगटे खड़े कर देने वाले इस हादसे के बाद भी जिला प्रशासन और अन्य जिम्मेदार विभागीय अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं। आलम यह है कि सड़कों पर बिना रोक-टोक के डग्गामार वाहन खचाखच सवारियां भरकर बेखौफ फर्राटा भर रहे हैं।

गोण्डा रेलवे स्टेशन के मेन गेट पर रहता है डग्गामार वाहनों का जमावड़ा

गोण्डा रेलवे स्टेशन का मेन गेट अवैध टैक्सी स्टैंड बन गया है, जहां बिना परमिट और बिना नंबर के अवैध ई-रिक्शा व डग्गामार टैक्सियां खुलेआम बेरोकटोक सवारियां भरकर रेलवे पुलिस के सामने से ही गुजरती हैं और वे आंखें बंद कर लेते हैं। दरअसल, गोण्डा रेलवे स्टेशन का मुख्य द्वार डग्गामार वाहनों का अड्डा बन गया है, जहां से अपराध और अपराधियों का खेल शुरू होता है। यहां के चालकों में कुछ ऐसे भी अपराधी किस्म के हैं, जो यात्रियों से अधिक किराए के साथ ही उनके साथ लूट-पाट व मारपीट की घटनाएं भी करते रहते हैं। कई बार यहां से सवारियों को बैठाकर उन्हें लूटा जा चुका है या फिर सवारियों के साथ छिनैती जैसी वारदातों को अंजाम दिया गया है।

यात्रियों को आने-जाने में होती हैं दिक्कतें, कभी-कभी ट्रेन छूट जाने की शिकायतें

इस तरह की कई घटनाओं में पुलिस ने पकड़कर जेल भेजने की कार्रवाई भी की है। इसके बावजूद यहां के टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों पर आरटीओ का भी ध्यान नहीं जा रहा है। इससे हर महीने लाखों रूपए सरकारी राजस्व की क्षति हो रही है और यात्रियों की जान-माल का भी खतरा बना रहता है। कभी-कभी तो स्टेशन के बाहर खड़े ई-रिक्शा व अवैध टैक्सी चालकों की वजह से आवागमन भी ठप्प रहता है, जिससे यात्रियों को ट्रेन पकड़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, मेन गेट पर डग्गामार वाहनों के जमावड़े के चलते यात्रियों की ट्रेन तक छूट जाती है।

हद तो यह है कि यात्रियों द्वारा एतराज करने पर मनबढ़ डग्गामार वाहन चालक हाथापाई और गाली-गलौच पर उतर आते हैं। यहां सबसे बड़ी बात तो यह है कि डग्गामार वाहनों पर ओवरलोड सवारियां भरी जाती हैं। इंतिहा यह है कि छतों पर भी सवारियां बैठाई जाती हैं लेकिन इस ओर न तो आरपीएफ, जीआरपी व स्थानीय थाने की पुलिस ध्यान देती है और न ही आरटीओ व पीटीओ इस पर लगाम लगाने को लेकर गंभीर दिखाई देते हैं।

जिला प्रशासन से लेकर पुलिस व रेलवे सुरक्षा बल तक गंभीर नहीं

मनबढ़ और बेलगाम डग्गामार वाहन चालक रेलवे स्टेशन की पूरी सड़क पर कब्जा किए रहते हैं, जिससे यात्रियों और राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतें होती हैं। सूत्रों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के बाहर खड़े कर खुलेआम सवारियां बैठाने वाले वाहनों पर रेलवे के सुरक्षा कर्मियों, अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों, क्षेत्रीय पुलिस तथा आरटीओ, पीटीओ की कृपा बनी हुई है, जिससे वे बेखौफ ओवरलोड सवारियों को बैठाकर फर्राटा भर रहे हैं। अब इस मेहरबानी के बदले में इन जिम्मेदारों को क्या मिलता है, यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

मुंहमांगा किराया वसूलते हैं डग्गामार वाहन चालक

गोण्डा रेलवे स्टेशन परिसर में टैक्सी चालकों की दबंगई इतनी बढ़ गई है कि जो यात्री उनकी टैक्सी में नहीं बैठते हैं, उन्हें मारा-पीटा तक जाता है। जबरन टैक्सी में बैठाने की कोशिश करते हैं। शुक्रवार को स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों का कहना था कि यहां टैक्सी चालकों की दबंगई बहुत बढ़ गई है। कार्रवाई न होने से चालकों के हौसले बुलंद हैं। मुंबई, लुधियाना, अमृतसर, दिल्ली, चेन्नई व कोलकाता से आने वाली ट्रेनों की सूचना मिलने पर गोंडा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के मुख्य द्वार के बाहर काफी संख्या में टैक्सी चालक खड़े हो जाते हैं। यात्री लगेज लेकर स्टेशन के प्रवेश द्वार से बाहर निकलते हैं तो टैक्सी चालक उन्हें अपनी टैक्सी में बैठा लेते हैं और यात्रियों से मुंह मांगा रुपया वसूलते हैं।

सड़क हादसों में लगातार लोगों की जान जा रही है। इसमें कमी लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों संग वर्चुअल बैठक में शहरों में अवैैैध टैक्सी स्टैंड हटाने के आदेश दिए थे, जिसके बाद नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में परिवहन, नगर पालिका व पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर अवैैध टैक्सी स्टैंड के संचालन पर रोक लगा दी थी।

वाहन चालकों को शहर से बाहर कर दिया गया था, लेकिन दो दिन बाद ही अवैध टैक्सी स्टैंडों का संचालन दोबारा शुरू हो गया, जो आरटीओ व पीटीओ की शिथिलता के कारण फल-फूल रहा है। शहर के सभी मार्गों पर जहां से अवैध टैक्सी स्टैंड हटाए गये थे, वहां फिर से टैक्सियों का जमावड़ा हो गया है। इससे सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं।

क्या कहते हैं पीटीओ आरिफ खान

पीटीओ मोहम्मद आरिफ खान का कहना है कि तीन-चार महीने रिटायरमेंट का बचा है। किसी तरह समय पूरा हो जाए। अवैध टैक्सियों पर लगाम लगाकर कौन नेताओं की नाराजगी मोल ले?

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