Gonda News: रंग लाई वंदना पटेल की मेहनत, अब मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार

उत्कृष्ट कार्यों के लिए शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे सम्मानित

Sandesh Wahak Digital Desk: बदलाव का जुनून और जज्बा हो तो उसके लिए सरकारी मदद मायने नहीं रखती। दृढ़ इच्छा शक्ति से भी बेहतर किया जा सकता है। इसकी नजीर बनी हैं गोण्डा जिले के नवाबगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय महेशपुर की प्रधानाध्यापिका वंदना पटेल, जो लगन और मेहनत से नौनिहालों की किस्मत चमका रही हैं। उनके द्वारा किए जा रहे अनुकरणीय कार्यों के लिए उन्हें राज्य अध्यापक पुरस्कार-2024 के लिए चयनित किया गया है। यह पुरस्कार आगामी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों दिया जाएगा।

लगन और मेहनत से नौनिहालों का भविष्य संवार रहीं वंदना पटेल

बताते चलें कि कोरोना काल में जब देशभर में लॉकडाउन था और स्कूल-कॉलेज भी बंद थे, तब नवाबगंज के प्राथमिक विद्यालय महेशपुर की प्रधानाध्यापिका वंदना पटेल गांवों में जाकर मोहल्ला क्लास चलाकर बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने का काम करती थीं। उनका यह कदम काफी सराहा गया था, जिस पर जिलाधिकारी ने जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में मोहल्ला क्लास शुरू करने का निर्देश दिया था। उसके बाद जिले के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों द्वारा मोहल्ला क्लास की शुरूआत की गयी थी। दरअसल, लाकडाउन के दौरान आनलाइन क्लास का निर्देश दिया गया था, लेकिन वंदना पटेल की सोच थी कि गांवों में बच्चों को आनलाइन क्लास में तमाम बाधाएं हैं। इस पर उन्होंने मोहल्ला क्लास की शुरूआत की थी।

राज्य अध्यापक पुरस्कार-2024 के लिए चयनित हुईं वंदना पटेल

इसके साथ ही वंदना पटेल ने विद्यालय में पुस्तकालय और पठन-पाठन का बेहतर वातावरण मुहैया कराने का काम किया। दीवारों पर सुंदर चित्रकारी कराने के साथ ही परिसर को छात्रों के लिए रूचिकर बनाया है। उन्होंने कर्तव्य निष्ठा के बलबूते विद्यालय परिसर में फूल खिलाया है और विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों का रोपण कर नौनिहालों को पर्यावरणीय वातावरण मुहैया कराने का काम किया है। यहां छात्र प्राइवेट स्कूल से बेहतर सुविधा में पढ़ाई कर रहे हैं। उनके उत्कृष्ट कार्य को देखकर राज्य अध्यापक पुरस्कार-2024 के लिए चयनित किया गया है। वंदना पटेल ने महेशपुर में अपनी नियुक्ति के समय से ही परिवर्तन की पटकथा लिखने का काम किया, जो उनके जज्बे और जुनून के चलते बेसिक शिक्षा के लिए नजीर बन गया।

प्राथमिक विद्यालय महेशपुर में वंदना पटेल की जब तैनाती की गयी, उस समय स्कूल में कुछ ही छात्रों का नामांकन था और सुविधाओं के नाम पर भवन के अतिरिक्त कुछ भी नहीं था। इतना ही नहीं, यहां के अभिभावकों की राय भी प्राइमरी स्कूल व अध्यापकों को लेकर अच्छी नहीं थी। ऐसे में वंदना पटेल ने बदलाव की मुहिम शुरू की। उन्होंने घर-घर जाकर अभिभावकों से संवाद किया। उनको बेहतर शिक्षा का भरोसा दिया और बच्चों का प्रवेश कराने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस पर नामांकन तो बढ़ा, लेकिन उनके सामने चुनौती बेहतर करने की थी। इसके लिए उन्होंने वेतन से धनराशि खर्च करके पुस्तकालय और स्मार्ट क्लास का संचालन शुरू किया। इसका असर रहा कि यहां चालू सत्र में 155 छात्रों का नामांकन है। प्रतिदिन 75-80 फीसद बच्चों की उपस्थिति रहती है। वंदना पटेल को उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के लिए चयनित होने पर तमाम शिक्षकों ने बधाई दी है।

वंदना पटेल का कार्य उल्लेखनीय : बीएसए

प्राथमिक विद्यालय महेशपुर में छात्रों के लिए स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और पर्यावरणीय वातावरण समेत तमाम सुविधाएं हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि शिक्षिका वंदना पटेल ने उत्कृष्ट कार्य किया है। स्कूल का वातावरण बेहतर है। छात्रों को बेहतर ढंग से पढ़ाई कराई जाती है।

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