Kushinagar News: बाल सुधार गृह का औचक निरीक्षण, ‘तकनीकी शिक्षा’ पर जोर

Sandesh Wahak Digital Desk: किशोरों के पुनर्वास और उनकी सुविधाओं का जायजा लेने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने गोरखपुर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल व्यवस्थाएं देखीं, बल्कि बच्चों के साथ वक्त बिताकर उनकी मुश्किलों और रुचियों को भी समझा।

मेनू में हरी सब्जियां और बेहतर स्वास्थ्य

निरीक्षण के दौरान सचिव प्रभात सिंह और प्रधान मजिस्ट्रेट शांतनु तंवर ने भोजनालय की जांच की। बच्चों ने बताया कि उन्हें तय मेनू के हिसाब से खाना मिलता है, लेकिन अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए कि खाने में पौष्टिक और हरी सब्जियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। साथ ही, बच्चों को स्वच्छता का महत्व समझाते हुए परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रेरित किया गया।

हुनर सिखाने और मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

निरीक्षण का एक बड़ा उद्देश्य बच्चों का भविष्य संवारना था। अधिकारियों ने उन किशोरों की पहचान की जो तकनीकी शिक्षा (Technical Education) में रुचि रखते हैं। प्रशासन को निर्देश दिए गए कि बच्चों को रोजगारपरक प्रशिक्षण (Vocational Training) दिया जाए। अच्छे एनजीओ (NGO) की मदद ली जाए, ताकि ये बच्चे हुनर सीखकर समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।

दवाओं की कमी पर कड़ा रुख

निरीक्षण में एक बड़ी कमी सामने आई। सहायक अधीक्षक अजीत यादव ने बताया कि दवाओं की कमी है और अस्पताल को पत्र लिखने के बावजूद अब तक सप्लाई नहीं मिली है। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की और जल्द से जल्द दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया।

अधिकारियों ने साफ कहा कि माननीय उच्च न्यायालय की किशोर न्याय समिति द्वारा जारी गाइडलाइन्स का पालन करने में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

Also Read: ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 6.0’ का आगाज़, थारू जनजाति और सीमांत गांवों को मिलेगी नई जिंदगी

Get real time updates directly on you device, subscribe now.