SIR से मौत पर 1 करोड़ दे सरकार, हम 2 लाख देंगे: अखिलेश यादव

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में शादी से ठीक एक दिन पहले बिंदकी तहसील में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार कोरी की आत्महत्या ने शासन-प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 25 वर्ष के सुधीर अपनी शादी के लिए तैयारियां कर रहे थे, लेकिन मतदाता पुनरीक्षण कार्य के दबाव और दफ्तर से मिले कथित धमकी भरे रवैये ने उनकी जिंदगी खत्म कर दी। घटना ने चुनावी ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ते तनाव को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

‘मुआवजा दे चुनाव आयोग’

वहीं इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे चुनावी कार्यभार से जुड़ा सीधा परिणाम बताया। उन्होंने चुनाव आयोग से 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। यही नहीं, उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी मृतक आश्रित को 2 लाख रुपये की सहायता देगी। अखिलेश का कहना है कि मतदाता पुनरीक्षण (SIR) जैसे कार्यों के दौरान यूपी में कई कर्मचारी मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं, और इसका घातक परिणाम जान गंवाने के रूप में सामने आ रहा है।

शादी से पहले दबाव, धमकी और मौत

मूल रूप से खजुहा कस्बे के निवासी सुधीर इन दिनों जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर ड्यूटी पर लगाए गए थे। लेकिन 22 नवंबर को मतदाता पुनरीक्षण की बैठक में शादी की तैयारियों के चलते शामिल नहीं हो सके। आरोप है कि इसी अनुपस्थिति पर सहायक समीक्षा अधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार सक्सेना ने निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद सुधीर गंभीर तनाव में आ गए। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे कानूनगो शिवराम घर पहुंचे और प्रपत्र फीडिंग कराने का दबाव बनाते हुए कथित रूप से नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी। इसके कुछ ही समय बाद सुधीर ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।

मुकदमा दर्ज, जांच शुरू

परिजनों की तहरीर पर एसडीएम और कानूनगो के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फतेहपुर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

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