स्कूल विलय पर सरकार का जवाब: खाली स्कूल अब बनेंगे बाल वाटिका और आंगनबाड़ी केंद्र
Sandesh Wahak Digital Desk : उत्तर प्रदेश में स्कूल विलय को लेकर चल रहे विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा और कहा कि स्कूलों का विलय पूरी तरह से नियमों के तहत किया गया है।
सरकार ने अदालत को बताया कि जिन स्कूल भवनों को मर्ज किया गया है और जो अब खाली हो चुके हैं, उनका इस्तेमाल बाल वाटिका (प्री-प्राइमरी स्कूल) और आंगनबाड़ी केंद्रों के तौर पर किया जाएगा, जिससे समाज के नन्हें बच्चों को शिक्षा और पोषण की बेहतर सुविधा मिल सके।
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने सरकार को इस मामले में और तथ्यों को पेश करने की अनुमति दी है। इससे पहले सोमवार को याचिकाकर्ता की ओर से भी अदालत में अपना पक्ष रखा गया था।कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय की है। अब देखना यह होगा कि कोर्ट इस पूरे मसले पर क्या रुख अपनाती है, क्योंकि इससे प्रदेश के शिक्षा ढांचे पर बड़ा असर पड़ सकता है।

