Ram Mandir: रामनगरी में रचा जा रहा है भव्य इतिहास, श्रीराम दरबार में प्राण प्रतिष्ठा को तैयार अयोध्या
Sandesh Wahak Digital Desk: अयोध्या की पावन भूमि एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहा भव्य मंदिर न सिर्फ आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसकी वास्तुकला और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेगा। मंदिर के पहले तल पर विराजमान होने जा रहे राम दरबार की शोभा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि शिल्पकला की दृष्टि से भी बेजोड़ होगी।
1000 साल तक जस की तस रहेगी राम दरबार की आभा
राम दरबार की मूर्तियां विशेष प्रकार के संगमरमर से बनाई गई हैं, जिसकी उम्र और मजबूती को लेकर मूर्तिकार सत्य नारायण पांडेय का दावा है कि यह मूर्तियां एक हजार वर्षों तक सुरक्षित रहेंगी। इस पत्थर की खासियत यह है कि इसे जितना साफ किया जाएगा, उतनी ही इसकी चमक निखरती जाएगी। मूर्तियों के निर्माण से पहले IIT हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने इसकी मजबूती, नमी अवशोषण, घर्षण क्षमता और तापमान सहिष्णुता जैसे मापदंडों की जांच की थी।
राम दरबार में कुल सात फीट ऊंचे सिंहासन पर भगवान श्रीराम की मूर्ति स्थापित की गई है। हनुमान और भरत बैठी मुद्रा में हैं, जिनकी ऊंचाई लगभग ढाई फीट है, वहीं लक्ष्मण और शत्रुघ्न की मूर्तियां खड़ी मुद्रा में हैं, जिनकी ऊंचाई तीन फीट तय की गई है।
योगी आदित्यनाथ बनेंगे प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य यजमान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को मंदिर के पहले तल पर स्थापित राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान के रूप में भाग लेंगे। वह राम दरबार की मूर्तियों से आवरण हटाकर ‘नेत्रोन्मीलन’ की विधि पूर्ण करेंगे। विशेष बात यह है कि इसी दिन मुख्यमंत्री योगी अपना 53वां जन्मदिन भी अयोध्या में ही मना रहे हैं।
मुख्यमंत्री अयोध्या पहुंचने पर पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन करेंगे, फिर मणिराम दास छावनी में महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव में भाग लेंगे। साथ ही सरयू महोत्सव का उद्घाटन भी करेंगे। मंदिर परिसर में समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सुरक्षा के लिए ATS, CRPF, PAC व सिविल पुलिस के साथ मजिस्ट्रेटों की भी तैनाती की गई है।
अयोध्या में बदलते समय की तस्वीर
महंत मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि एक संन्यासी मुख्यमंत्री बनकर आध्यात्मिक मूल्यों को फिर से जीवंत कर रहा है। आज अयोध्या का स्थानीय व्यापारी यहीं रहकर आजीविका चला रहा है। गूगल पर अयोध्या खोजने पर सबसे पहले दीपोत्सव की तस्वीरें सामने आती हैं।
सरयू महोत्सव आयोजक शशिकांत दास ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम को झोंपड़ी से निकालकर भव्य मंदिर में स्थापित किया है। जैसे त्रेता युग में वशिष्ठ जी ने राम का राजतिलक किया था, वैसे ही अब योगी महाराज राम का तिलक कर रहे हैं।
श्रीराम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को करना होगा थोड़ा और इंतजार
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने जानकारी दी कि राम दरबार और मंदिर परिसर के छह अन्य मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा समारोह गुरुवार को पूरा हो जाएगा। हालांकि, आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की अनुमति अभी नहीं दी जाएगी। 7 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में दर्शन की तिथि को लेकर निर्णय होगा।

