मिस्र वार्ता में हमास ने रखी जंग खत्म करने की शर्त, नेतन्याहू ने EU पर साधा निशाना

Sandesh Wahak Digital Desk: इजरायल पर हुए हमले के दो साल पूरे होने के साथ ही गाजा में जारी संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। सोमवार को मिस्र में हमास और इजरायल के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बंधकों और कैदियों की अदला-बदली को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस दौरान, हमास ने सीजफायर और सैनिकों की वापसी को लेकर कुछ स्पष्ट शर्तें रखी हैं।

दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संघर्ष-विराम की चल रही प्रक्रियाओं से यूरोपीय संघ (EU) के पूरी तरह अनुपस्थित रहने की कड़ी आलोचना की है।

हमास ने मिस्र में हुई बैठक में साफ किया कि बंधकों की अदला-बदली से पहले इजरायल को कुछ कदम उठाने होंगे।

सैनिकों की वापसी: इजरायली सेना को जनवरी में हुए सीजफायर डील के अनुसार गाजा के आबादी वाले इलाकों से हटकर अपने पूर्व ठिकानों पर वापस लौटना होगा।

हवाई रोक: इजरायली वायुसेना द्वारा प्रतिदिन कम से कम 10 घंटे तक लड़ाकू विमानों और ड्रोन की उड़ानों पर रोक लगाई जाए।

रिहाई के दिन: हमास ने मांग की है कि बंदियों की रिहाई के दिन 12 घंटे तक ड्रोन या विमान न उड़ाए जाएं।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में संघर्ष खत्म करने के प्रयासों में यूरोपीय संघ की अनुपस्थिति पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विदेशी मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यूरोप अनिवार्य रूप से अप्रासंगिक हो गया है और उसने भारी कमजोरी दिखाई है।

नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि यूरोप मूल रूप से फिलिस्तीनी आतंकवाद और कट्टरपंथी इस्लामी अल्पसंख्यकों के आगे झुक गया है। उन्होंने कहा कि जो यूरोपीय संघ को करना चाहिए था, वह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कर रहे हैं, जो आतंकवादी तत्वों का सफाया करेंगे।

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