Hardoi News: हरदोई रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग फिर तेज, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
Hardoi News: मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आने वाले हरदोई रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की पुरानी मांग एक बार फिर से जोर पकड़ रही है। पिछले 20 वर्षों में यहां किसी भी नई ट्रेन का ठहराव नहीं हुआ है। इसी वजह से यात्रियों को लखनऊ, दिल्ली, मुरादाबाद, हरिद्वार और देहरादून की यात्रा में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर सांसद तक इस मुद्दे को कई बार रेलवे बोर्ड और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक उठा चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जबकि अन्य जिलों के सांसदों की मांगों पर तुरंत कार्रवाई कर दी गई है।
हरदोई स्टेशन की स्थिति
A-1 श्रेणी में शामिल हरदोई रेलवे स्टेशन हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व देता है। इसके बावजूद यहां दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक लखनऊ की ओर कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं होती। यही नहीं, रात 8 बजे से 11:30 बजे तक भी यात्रियों को लखनऊ जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। दिल्ली, मुरादाबाद और बरेली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। सुबह 7:25 बजे के बाद सीधे दोपहर 2:10 बजे तक कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं है। दिल्ली जाने वाली पहली ट्रेन रात 8 बजे मिलती है। देहरादून के लिए सिर्फ दो ट्रेनें ही हरदोई से गुजरती हैं, जिनमें से एक साप्ताहिक है। वहीं, हरिद्वार जाने के लिए सप्ताह में केवल तीन दिन ही ट्रेनें चलती हैं।
सांसद और यात्रियों की मांग
हरदोई के सांसद जयप्रकाश रावत और रेल यात्रियों ने एक बार फिर रेल मंत्री और मंडल अधिकारियों से मांग की है कि निम्नलिखित ट्रेनों का ठहराव हरदोई में किया जाए:
- 15044 काठगोदाम–लखनऊ जं. एक्सप्रेस (शाम 5:30 बजे)
- 12318 अकाल तख्त एक्सप्रेस
- 12358 दुर्गियाना एक्सप्रेस
- 12326 गुरुमुखी एक्सप्रेस
- 12358 आनंद विहार – दानापुर एक्सप्रेस (रात 8:18 बजे)
- 12584 आनंद विहार – लखनऊ डबल डेकर एक्सप्रेस (रात 8:46 बजे)
- 20936 साबरमती – वाराणसी एक्सप्रेस (रात 9:59 बजे)
इसके अलावा यात्रियों ने सुझाव दिया है कि सुबह 8:24 बजे पंजाब मेल के बाद करीब साढ़े चार घंटे की खाली अवधि में बरेली/शाहजहांपुर से एक शटल एक्सप्रेस शुरू की जाए, जो लखनऊ, अयोध्या और वाराणसी तक चले। हरदोई के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि रेलवे जल्द उनकी इस पुरानी मांग को सुनेगा। अगर ट्रेनों का ठहराव मिल जाता है तो यात्रियों की बड़ी परेशानी दूर होगी और स्टेशन की अहमियत और बढ़ जाएगी।
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