Meerut News: 12 साल से फरार 2 लाख का इनामी बदमाश हरीश गिरफ्तार, UP STF ने की कार्रवाई

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ (Special Task Force) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 12 साल से फरार चल रहे 2 लाख रुपये के इनामी बदमाश हरीश को गिरफ्तार कर लिया है। मुजफ्फरनगर और बागपत में हत्या, लूट और रंगदारी जैसे कई गंभीर मामलों में वांछित यह अपराधी मेरठ के भैसाली बस अड्डे के पास से पकड़ा गया।

क्या है पूरा मामला?

लगभग 45 साल का हरीश पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2004 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। उसके परिवार का एक लंबा और खूनी इतिहास रहा है, जिसमें कई हत्याएं और आपसी झगड़े शामिल हैं। हरीश ने 2006 में अपने भाई की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखा और अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या, लूट, रंगदारी और अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम दिया।

उस पर दर्ज प्रमुख मामलों में 2007 में गांव के रमेश झीमर की हत्या, 2009 में बस चालक सुरेंद्र की हत्या, और 2010 में मास्टर राजवीर सिंह और श्रीमोहन ठेकेदार की हत्याएं शामिल हैं। 2012 में वह एक अपहरण और रंगदारी के मामले में फरार हो गया था और तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

फरारी के दौरान कई जगह बदला ठिकाना

पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए हरीश ने कई बार अपना ठिकाना बदला। फरारी के दौरान उसने पहले बुलंदशहर के शिकारपुर में एक मकान खरीदा और फिर 2014 में उसे बेचकर पंजाब के पटियाला में रहने लगा। वहां वह एक परचून की दुकान पर नौकरी करने लगा और बाद में आटे की कंपनियों के लिए सेल्समैन का काम भी करने लगा।

एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा

एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हरीश मेरठ के भैसाली बस अड्डे पर आने वाला है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए उप-निरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने जाल बिछाया और हरीश पुत्र ब्रहमपाल को गिरफ्तार कर लिया।

हरीश के परिवार का आपराधिक इतिहास रहा है। उसका भाई आदेश भी एक कुख्यात अपराधी था, जिस पर सवा लाख रुपये का इनाम था। 2019 में एक मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए बदमाश को मुजफ्फरनगर की स्थानीय पुलिस को सौंपकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

हरीश के खिलाफ दर्ज कुछ गंभीर मामले:

हत्या (302 IPC): सुखपाल, रमेश झीमर, बस चालक सुरेंद्र, मास्टर राजवीर सिंह और श्रीमोहन ठेकेदार।

हत्या का प्रयास (307 IPC): कई मामले।

रंगदारी/अपहरण (386 IPC): मदन के अपहरण का मामला।

गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act): कई थानों में दर्ज।

 

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