‘उसने मुझे मारने की दो बार कोशिश की’, खामेनेई की मौत पर बोले डोनाल्ड ट्रंप
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे सैन्य ऑपरेशन की कमान अपने हाथ में लेते हुए दुनिया के सामने अपनी बात रखी है। ट्रंप ने साफ लहजे में कहा कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा उन्हें मारने की कोशिशों का जवाब थी।
“मैंने वादा किया था और पूरा किया”
‘द स्पेक्टेटर इंडेक्स’ के मुताबिक, ट्रंप ने खामेनेई की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैंने उसे (खामेनेई) पहले ही मार गिराया, इससे पहले कि वह मुझे मार पाता। उसने मुझ पर दो बार हमले की कोशिश की थी। खैर, अब वह खत्म हो चुका है।” ट्रंप ने इसे अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए लिया गया एक आवश्यक फैसला बताया।
ईरानी सेना को अल्टीमेटम: “हथियार डालो या मरने को तैयार रहो”
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC), सेना और पुलिस को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके पास अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं। ट्रंप ने कहा, “मैं ईरानी सुरक्षा बलों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने हथियार डाल दें और पूर्ण सुरक्षा प्राप्त करें, वरना निश्चित मृत्यु के लिए तैयार रहें।”
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का कहर
ट्रंप ने खुलासा किया कि पिछले 36 घंटों से अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान में ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ चला रहे हैं।
सैकड़ों ठिकानों पर हमला: अमेरिकी विमानों ने ईरान के रक्षा प्रणालियों, नौसेना के जहाजों और IRGC के ठिकानों को निशाना बनाया है।
नेतृत्व का अंत: ट्रंप ने दावा किया कि न केवल खामेनेई, बल्कि ईरान की पूरी सैन्य कमान को समाप्त कर दिया गया है।
ईरानी देशभक्तों से आह्वान: “अपना देश वापस लो”
ट्रंप ने ईरान की जनता और वहां के देशभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय अपनी स्वतंत्रता वापस पाने का है। उन्होंने कहा, “इस क्षण का लाभ उठाएं, बहादुर बनें और अपने देश को इन दुष्ट चरमपंथियों से मुक्त कराएं। अमेरिका आपके साथ खड़ा है।”
राष्ट्रपति ने अंत में दोहराया कि जब तक अमेरिका के सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक यह सैन्य अभियान पूरी ताकत से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया अब उस ‘आतंकवादी शासन’ से मुक्त होने की ओर बढ़ रही है जो पिछले 50 सालों से ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहा था।

