Azamgarh News: 24 साल से पुलिस सिस्टम में रहकर आपराधिक गतिविधियों को देता रहा अंजाम, किसी को भनक तक नहीं
Azamgarh News: उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आजमगढ़ के मुबारकपुर थाने में तैनात होमगार्ड निरंकार राम की आपराधिक गतिविधियों का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 2001 में भर्ती हुआ यह होमगार्ड 24 साल तक पुलिस सिस्टम में रहकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा, और हैरानी की बात यह है कि उसके खिलाफ दर्ज आठ मुकदमों की किसी को खबर तक नहीं लगी।

एनडीपीएस, पॉक्सो और चोरी के 8 मुकदमे दर्ज
निरंकार राम के खिलाफ 2003 से लेकर 2017 के बीच आजमगढ़, मऊ और देवरिया तक में कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट, पॉक्सो एक्ट और चोरी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से छह मुकदमे उसी मुबारकपुर थाने में दर्ज हैं, जहाँ वह खुद तैनात था। इस दौरान कई थानेदार आए और गए, लेकिन किसी ने भी उसकी आपराधिक करतूतों पर ध्यान नहीं दिया।
कैसे शुरू हुईं आपराधिक गतिविधियाँ
आजमगढ़ के दामोदरपुर गांव का रहने वाला निरंकार राम 2001 में होमगार्ड में भर्ती हुआ था। भर्ती के तुरंत बाद ही उस पर देवरिया के जीआरपी थाना भटनी में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहला मुकदमा दर्ज हुआ।
2003: मुबारकपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट का पहला केस। आरोप था कि वह नशे की गोलियां और लड्डू खिलाकर यात्रियों के सामान चुराता था।
2005-2017: इस दौरान उस पर मुबारकपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट, चोरी, और रेप व पॉक्सो एक्ट जैसे छह और मुकदमे दर्ज हुए।
2009: देवरिया के बढ़नी में एक यात्री का 50,000 रुपये से भरा बैग चोरी करने का मुकदमा।
2017: मऊ के जीआरपी थाने में चोरी और माल बरामदगी का एक और केस दर्ज हुआ, जिसमें विवेचना के दौरान निरंकार का नाम सामने आया।

सिस्टम में रहकर करता रहा अपने केस की पैरवी
आठ मुकदमे दर्ज होने के बावजूद निरंकार राम न सिर्फ अपनी ड्यूटी करता रहा, बल्कि अपने मामलों की पैरवी भी करता रहा। यही वजह है कि वह तीन मुकदमों में कोर्ट से बरी भी हो चुका है, जबकि बाकी मामलों में अभी ट्रायल चल रहा है। इस घटना से यह सवाल उठता है कि आखिर सिस्टम में उसकी पकड़ कितनी मजबूत है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और होमगार्ड विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
Also Read: “जिसके साथ गई, उसका सूपड़ा साफ” — यूपी मंत्री का आरएलडी पर हमला, जयंत की पार्टी का पलटवार

