Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी होगी दूर, मंत्री ने दी हरी झंडी, अब सुबह 10 बजे से होगा पोस्टमार्टम
Siddharthnagar News: स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने सिद्धार्थनगर के कलेक्ट्रेट सभागार में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी मरीज को बिना इलाज वापस न भेजा जाए और अनावश्यक रूप से रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।

3 साल का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन ने बताया कि 2021 में स्थापित इस कॉलेज में वर्तमान में 500 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और रोजाना 2000 मरीजों की ओपीडी हो रही है।
फैकल्टी की कमी: समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि प्रोफेसरों के पद खाली हैं।
मंत्री का निर्देश: मंत्री ने कहा कि कॉलेज का नाम भाजपा के प्रथम प्रदेश अध्यक्ष स्व. माधव प्रसाद त्रिपाठी के नाम पर है, इसलिए इसकी गरिमा के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने अगले 3 साल की कार्ययोजना बनाकर खाली पदों को तत्काल भरने और जिलाधिकारी को इस प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश दिया।
बैठक में कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने जनहित का एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया सुबह 10 बजे से ही शुरू की जानी चाहिए ताकि परिजनों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने इस मांग को जायज मानते हुए तुरंत अपनी स्वीकृति दे दी, जिसकी सभी जनप्रतिनिधियों ने सराहना की।

टीबी मुक्त अभियान, निक्षय मित्रों से अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. आरके चौरसिया ने बताया कि जिले में 5181 टीबी मरीज हैं और 1650 निक्षय मित्र उनकी मदद कर रहे हैं। मंत्री जी ने अपील की कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से ज्यादा से ज्यादा टीबी मरीजों को गोद लें ताकि जिले को जल्द टीबी मुक्त बनाया जा सके।

अधिकारियों को सख्त निर्देश
दवाओं की उपलब्धता: सीएमओ ने आश्वासन दिया कि सभी सीएचसी और पीएचसी पर पर्याप्त दवाएं मौजूद हैं।
निरीक्षण: मंत्री ने जिलाधिकारी को समय-समय पर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण करने को कहा।
डॉक्टरों की जवाबदेही: मंत्री ने दो टूक कहा कि डॉक्टरों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी; मरीज का संतुष्ट होना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
रिपोर्ट- जाकिर खान

