Health News: डायबिटीज़, दिल की बीमारी और डिप्रेशन से बचाव सिर्फ पैदल चलकर – जानिए कितने कदम हैं ज़रूरी
Sandesh Wahak Digital Desk: आजकल हर किसी के हाथ में फिटनेस बैंड, स्मार्टवॉच या हेल्थ ऐप्स होते हैं, जो बताए बिना नहीं रहते कि आपने आज कितने कदम चले। अक्सर यही कहा जाता है कि सेहतमंद रहने के लिए रोज़ 10,000 कदम चलना ज़रूरी है। लेकिन एक नई इंटरनेशनल स्टडी इस बात को चुनौती देती है और बताती है कि रोज़ सिर्फ 7,000 कदम चलना भी बहुत से गंभीर रोगों से बचा सकता है।
रोज़ाना 7,000 कदम चलने से फायदे ![]()
ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मेलोडी डिंग और उनकी टीम ने एक बड़ा विश्लेषण किया, जिसमें 2014 से 2025 के बीच की 35 अलग-अलग स्टडीज़ को देखा गया। इनमें कुल 16,000 से ज़्यादा प्रतिभागी थे।
रिसर्च के मुताबिक, रोज़ाना 7,000 कदम चलने से ये फायदे मिल सकते हैं:
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मृत्यु का खतरा 47% कम
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कैंसर का खतरा 6% कम
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दिल की बीमारी का खतरा 25% कम
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डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) का खतरा 38% कम
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डिप्रेशन (अवसाद) का खतरा 22% कम
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गिरने की संभावना 28% कम
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टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा 14% कम
4,000 कदम भी हैं फायदेमंद
अगर आप सोच रहे हैं कि 7,000 कदम तो बहुत हैं, तो खुश हो जाइए! रिसर्च में ये भी सामने आया कि जो लोग सिर्फ 4,000 कदम रोज़ चलते हैं, उनकी सेहत भी उन लोगों से बेहतर होती है जो सिर्फ 2,000 कदम या इससे भी कम चलते हैं। यानी थोड़ा चलना भी फायदेमंद है , डॉ. डिंग कहती हैं, “अगर आप बहुत कम चलते हैं, तो 2,000 से 4,000 कदम का छोटा-सा सुधार भी आपकी सेहत में बदलाव ला सकता है। और अगर आप 7,000 तक पहुंच जाते हैं, तो और भी अच्छे फायदे होते हैं।”
10,000 कदम का टारगेट कहां से आया? ![]()
कई हेल्थ ऐप्स और डिवाइसेज़ में 10,000 कदम का लक्ष्य पहले से सेट रहता है, लेकिन डॉ. डिंग कहती हैं कि इसका कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है। ये संख्या दशकों पहले जापान में एक पेडोमीटर (कदम गिनने वाली डिवाइस) के मार्केटिंग स्लोगन से आई थी। अब वैज्ञानिकों ने पहली बार यह साबित किया है कि 7,000 कदम ही काफी हैं।
चलना आसान है, सस्ता है और हर जगह मुमकिन है
अमेरिका की कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निस्सी सप्पोगू ने कहा, “7,000 कदम कोई बड़ी बात नहीं है। ये पूरे दिन में ऑफिस, घर, पार्क या गली में चलते हुए भी पूरे हो सकते हैं। इसके लिए किसी महंगे जिम की जरूरत नहीं। बस उठिए और चलिए। यही सबसे सस्ती और असरदार दवा है।” डॉ. कन्वर केली, जो लाइफस्टाइल मेडिसिन एक्सपर्ट हैं, कहते हैं कि “चलना कोई थकाने वाली एक्सरसाइज़ नहीं है। और इसके लिए आपको कोई स्पेशल ट्रेनिंग या इक्विपमेंट की ज़रूरत भी नहीं है।”
अब लक्ष्य बनाएं 7,000 कदम रोज़ाना
इस रिसर्च के नतीजे से यह साफ है कि:
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थोड़ा चलना भी बेहतर है, लेकिन 7,000 कदम चलना सेहत के लिए और बेहतर है।
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इससे दिल, दिमाग, मानसिक स्वास्थ्य और डायबिटीज़ जैसी बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
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10,000 कदम ज़रूरी नहीं, लेकिन अगर आप पहले से इतने चलते हैं, तो जारी रखिए।
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